प्रशासनिक सक्रियता के नाम पर हेल्थ डिपार्टमेंट में महिला स्टाफ की देर शाम तक मीटिंग पर उठे सवाल..!

प्रशासनिक सक्रियता के नाम पर हेल्थ डिपार्टमेंट में महिला स्टाफ की देर शाम तक मीटिंग पर उठे सवाल..!
*डिजिटल मीटिंग की परिपाटी को छोड़कर कर तुनक मिजाज अफसर करते हैं मीटिंग
*कोविड ड्यूटी के बाद शाम की मीटिंग से घर लौटते महिला कर्मी हुई दुघर्टना ग्रस्त
एटा। कोविड-19 पर प्रशासनिक सक्रियता के नाम पर इन दिनों एटा के कुछ प्रशासनिक अफसर कोविड वैक्सीनेशन की 9 घण्टे ड्यूटी करवाने के बाद महिला कर्मियों को रोक कर देर शाम तक मीटिंगे कर रहे हैं। जबकि कोविड गाइड लाइन के मुताबिक जूम मीटिंग व्हाट्सएप ग्रुप निर्देशो के जरिये कामकाज करने के निर्देश हैं परन्तु एटा सीएमओ कार्यालय के तुनकमिजाज अफसर महिला स्टाफ को देर शाम तक अपने हिटलरशाही रवैये से शोषण में रत है परिणाम स्वरूप महिला स्टाफ को अनेको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 22 जनवरी के कोविड वैक्सीनेशन के बाद सीएमओ आफिस में मीटिंग अटैंड करने के बाद घर जा रही महिला एएनएम संगीता कुमारी एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गई। बताया गया है अक्सर ऐसी मीटिंग्स यहाँ इस कार्यालय होती रहती है जो देर शाम तक चलती है।ऐसे में अफसरों को कोर्ट महिला आयोग के दिशा निर्देशों को कतई ख्याल नही है कि महिला कर्मियों को किसी कीमत पर ड्यूटी आवर्स के बाद नही रोका जा सकता।जब जिला स्तरीय राज्य स्तरीय बैठके डिजिटल सिस्टम से हो रही हैं तो एटा के अर्बन क्षेत्र के महिला स्टाफ को आखिर बेवजह क्यो उत्पीडित किया जा रहा बताया गया है कोविड वैक्सीनेशन में स्टाफ की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है पर यहाँ 6 बजे तक कराई जा रही है उसके बाद महिला कर्मियों को बुला कर रात हो जाने तक कथित मीटिंग्स में बैठाए रखा जाता है।जिसके कारण महिलाएं अपनी रिस्क पर अपने गंतव्य तक जाती हैं। आखिर इस कथित प्रशासनिक सक्रियता के नाम पर यह उत्पीड़न/शोषण नही है तो क्या है. .??

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks