
एटा।*राम काज कीन्हें बिना मोहे कहां विश्राम।* (राजू भैया) अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण यात्रा कर निकले अलीगंज पालिकाध्यक्ष ब्रजेश गुप्ता को जब मैंने श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु 5100 रु0की धनराशि प्रदान की तब उन्होंने दान की रशीद देते हुए,कहा कि यह सौभाग्य बहुत ही भाग्य से मिलता है, उनकी इस भावना को देखते हुए,रामचरित मानस की ये चौपाई अनायास ही याद आ गई,जिसमें पवनपुत्र हनुमान जी ने सीता जी की खोज के लिए जब जाते हैं, तब उन्होंने एक प्रसंग के दौरान यह कहा कि राम काज कीन्हें बिना मोहे कहां विश्राम।मैंने भी राजू भैया से यह कहा कि श्रीराम जी के मंदिर निर्माण के लिए जो जिम्मेदारी आपको मिली है, यह बहुत ही भाग्यशाली व्यक्ति को मिलती है, औऱ आप उन्हीं भाग्यशाली व्यक्ति में से एक हैं, अर्थार्त जा पर कृपा राम की होई ता पर कृपा करें सब कोई।आप पर प्रभु श्रीराम जी की कृपा पूरी तरह से है,श्रीराम जी का भव्य मंदिर बनने से सम्पूर्ण सनातन धर्म के मानने वालों की वर्षो की अभिलाषा पूर्ण होगी।