*अन्य बस्तुओं के दुकानदारों की भी सुध ले सरकार*
*सरकारी ख़ज़ाने की चिन्ता ने खोल दिए सुरा के भण्डार*
*कर, किराया, बिजली बिल और कर्मियों के बेतन की चिन्ता में घुटता लघु एवं मझोला व्यापारी*
*केंद्र एवं राज्य की सरकार से अपील है कि अन्य वस्तुओं के व्यापारी की पारिवारिक, आर्थिक परिस्थितियों को देख कर छूट एवं मदद की दरकार*
04 मई 2020 सोमवार
नॉवल कोरोना वायरस (कोविड-19) ने सम्पूर्ण विश्व को अपने आग़ोश में ले लिया है। ये एक ऐसी वैश्विक महामारी है जिसका अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं है। इसी कारण यह रोग अपने पैर फैला रहा है।
भारत सरकार ने सर्वप्रथम एक दिन का जनता कर्फ़्यू उसके बाद 21 दिन का लॉक डाउन तत्पश्चात 19 दिन का लॉक डाउन 2.0 लगाया तो पूरे देश ने पूरी तन्मयता के साथ सरकार के आदेशों का पालन भी किया और अपने सहनशीलता का परिचय भी दिया।
परन्तु, जैसे ही भारत सरकार के द्वारा लॉक डाउन 3.0 दो हफ्ते की घोषणा हुई तो खादय एवं किराना के दुकानदारों के अतिरिक्त अन्य वस्तुओं के दुकानदारों का हौसला टूट गया। इसी मायूसी के कारण एक ही प्रश्न चहुओर गूंज रहा है। आख़िर अन्य वस्तुओं के दुकानदारों की सुध कब लेगी सरकार।
जैसे सरकार को अपने ख़ज़ाने की चिंता ने शराब के ठेके खोलने को विवश कर दिया, तो जरा सोचिए एक लघु एवं मध्यम अन्य वस्तुओं का व्यापारी अपने व्यापारिक खर्चों को कौन से ख़ज़ाने से वहन करेगा।
पिछले 40 दिन से अन्य वस्तुओं के व्यापारी व्यापार पर लॉक लगाए बैठा है, नियमित आय का साधन (प्रतिष्ठान) बन्द है। परंतु, जो चालू है वो है कर, किराया, बिजली का बिल और प्रतिष्ठान पर कार्य करने वाले कर्मियों का वेतन। ऐसे में अन्य वस्तुओं के लघु एवं मध्यम व्यापारी को कुछ सूझ नहीं रहा। इसी चिंता में वो अन्दर ही अंदर घुट-घुट कर जी रहा है।
ऐसा नहीं व्यापारी देश एवं समाज हित नहीं चाहता। चाहता है, उसकी रगों में भी राष्ट्र प्रेम कूट-कूट कर भरा है। परंतु, व्यापारी की भी कुछ मूलभूत आवश्यकताएं एवं दूसरों के प्रति जिम्मेदारियां हैं। उन्हीं जिम्मेदारियों को निभाने के लिए ही व्यापारी केंद्र एवं राज्य सरकार से अपील करते हैं कि अन्य वस्तुओं के व्यापारी को भी छूट एवं मदद की जाए, साथ ही अन्य वस्तुओं के व्यापारियों को भी कानून के अंतर्गत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति दी जाए। जिससे अन्य वस्तुओं के व्यापारी समय से सरकार का कर, किराया, बिजली बिल और कर्मियों के बेतन का भुगतान कर सकें।
*कृपया समस्त देश वासियों से अनुरोध है कि अपने मोबाईल में अरोग्यसेतु ऐप्प तुरंत अवश्य डाउन लोड करें। अरोग्यसेतु एप्प कोरोना से युद्ध में एक अचूक अश्त्र का काम करेगा। सरकार के निर्देशों का पालन करें, अपनी और अपनों की कोरोना वायरस से सुरक्षा करें।*