मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ख़ुद के मुक़दमे वापस लिये हैं – अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ख़ुद के मुक़दमे वापस लिये हैं – अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि आज जिस तरह शिक्षण संस्थानों और यूनिवर्सिटी पर कब्जा हो रहा है, ऐसा कभी नहीं हुआ है। छात्रों पर एनएसए लगाया जा रहा है। ऐसा किस देश में हुआ है। उन्होंने कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए बीजेपी तांडव का विरोध कर रही है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नौजवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवा है कुछ करना चाहते है। आज के समय मे जरूरत है कि हेल्दी पॉलिटिक्स की। जिस तरह प्राइवेटाइजेशन और नौकरियों को कम किया जा रहा है ऐसे में युवा कहां जाएं। अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे देश की जो तहजीब रही है वह गंगा जमुनी तहजीब को बचाना चाहते है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना के समय पूरे देश ने समझा कि ऑनलाइन पढ़ाई कितनी जरूरी है। लेकिन सरकार ने कोई तैयारी नहीं की। सरकार ने किसी समस्या का निराकरण नहीं किया। आज बड़ी संख्या में टैलेंटेड लोग हमारी पार्टी में शामिल हुए जो समाज और राजनीति को बदलना चाहते हैं और गंगा जमुनी तहजीब को बचाना चाहते हैं।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सवाल बहुत हैं अगर देश का युवा निराश हो जाए तो आने वाले समय मे हमारा देश कैसे बचेगा। उन्होंने कहा कि जब 12 तारीख को विवेकानंद को याद किया जा रहा था, तब सपा ने गांव में जगह जगह बैठकर युवा घेरा बनाने को कहा। जिसमें युवाओं की बात सामने आई। अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि शिक्षा में राजनीति का हस्तक्षेप हो रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन सरकार को किसानों की बात मान लेनी चाहिए, ये मौका केवल बीजेपी को मिला है। सपा अध्यक्ष ने न्यायालय का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने कहा है कि यूपी में जंगलराज है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने खुद के मुक़दमे वापस ले लिए है। अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रसंघ के चुनाव को लेकर लोग सवाल खड़ा करते थे, कहते थे इसमें गुंडे बनते हैं लेकिन आज शिक्षा का राजनीतिकरण हो रहा है। युवाओं पर एनएसए लगा दिया गया। फीस बढ़ रही है ,आने वाले समय में गांव-गरीब और किसान के बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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