बरेली में बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के अन्तर्गत सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा मुर्गी पालन*
बरेली – जनपद में मुर्गी पालन योजना के अन्तर्गत पिछले दिनों चयन किए गए सभी लाभार्थी महिला गृहणी है। उनके पास ऐसा कोई हुनर भी नहीं था कि वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान कर सकें। परन्तु मुर्गी पालन जैसे छोटे से काम से उनमें उत्साह तथा आत्मविश्वास पनप गया है जो उनके लिये सफलता के नये द्वार खोल रहा है। मुर्गी पालन योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों में से हैं श्रीमती रज्जो पत्नी श्री बहोरन लाल, निवासी ग्राम मसीहाबाद, विकास खण्ड मीरगंज तथा श्रीमती शारदा पत्नी श्री जयपाल, निवासी ग्राम बफरी अब्दुलनवीपुर, विकास खण्ड फतेहगंज पश्चिमी द्वारा घर के आंगन में मुर्गी पालन कर अपने परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान करने का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। दोनो परिवारों में 6 से 7 अण्डे प्रतिदिन प्राप्त हो रहे है जिनका मूल्य रू0 8 से रू0 10 मिल जाता है। इस प्रजाति के नर मुर्गे की भी अच्छी मांग है तथा लाभार्थियों को रू0 500 से रू0 1000 तक त्योहार अथवा उत्सव के मौके पर मिल जाते है।
पशुपालन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश में संचालित बैकयार्ड पोल्ट्री कार्यक्रम के अन्तर्गत अनुसूचित जाति के निर्बल वर्ग की महिला लाभार्थियों का चयन कर उनकी आय में वृद्वि करने का प्रयास किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न विकास खण्डों से लाभार्थियों को चुना गया।
इस योजना के अन्तर्गत चयनित लाभार्थियों को 50 एक दिन की आयु के चूजे, उनका दाना, आवश्यक दवाईयॉ तथा सात दिवसीय प्रशिक्षण निःशुल्क पशुपालन विभाग द्वारा दिया जाता है। इस योजना के अन्तर्गत दिये जाने वाले मुर्गी के बच्चे सामान्यता रसोई घर के बचे हुये खाने (किचन-वेस्ट) आदि पर बिना किसी विशेष लागत अथवा देखभाल के पाले जा सकते है। देशी प्रजाति की ये मुर्गिया अपनी सुरक्षा भी स्वंय करने में सक्षम होती है।
*बरेली के सभी गॉव पैक्स से आच्छादित, कृषकों से वित्त पोषण योजना का लाभ उठाने की अपील*
बरेली 5 जनवरी। जनपद में गन्ना कृषकों को पैक्स के माध्यम से वित्त पोषण किए जाने हेतु वर्तमान में गन्ना कृषकों को फसल हेतु, जो कृषक गन्ना समिति के सदस्य नहीं है, अन्य के समान उनको भी गन्ना फसल हेतु ऋण सीमा उपलब्ध कराई जा रही है। गन्ना समितियों अथवा पैक्स के माध्यम से गन्ना फसल हेतु ऋण लेने वाले कृषकों को समान रूप से किसान कार्ड एवं शासन से प्राप्त होने वाले ब्याज अनुदान की सुविधा से भी लाभान्वित कराया जा रहा है।
सहायक निदेशक सहकारिता श्री विकास कुमार के अनुसार गन्ना कृषकों को निर्धारित वित्तमान के अनुसार अनुमन्य ऋण में से गन्ना समिति के एवं सम्बन्धित चीनी मिल के ऋण को घटा कर, शेष धनराशि का ऋण स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। गन्ना समिति के सदस्य जो उक्त योजना से लाभान्वित होना चाहते है, निर्धारित सूचनाओं के प्रपत्र पर गन्ना समिति के सचिव से अनापत्ति निर्गत करवाने के पश्चात सम्बन्धित चीनी मिल द्वारा गन्ना कृषक को पैक्स से वित्त पोषण हेतु अनापत्ति निर्गत की जाएगी।
श्री कुमार ने बताया कि पैक्स सचिव द्वारा वित्तमान के अनुसार अुनमन्य ऋण में से गन्ना समिति के एवं सम्बन्धित चीनी मिल के ऋण को घटाकर, शेष धनराशि की ऋण सीमा बनाते हुए, गन्ना कृषकों को वित्त पोषण किया जाएगा। उक्त योजना से लाभान्वित होने के लिए गन्ना कृषकों का गन्ना भुगतान मूल्य खाता स्थानीय जिला सहकारी बैंक शाखा में होना चाहिए, साथ ही चीनी मिल को आपूर्ति गन्ना समिति के माध्यम की जा रही हो।
उन्होंने बताया कि जनपद के सभी गॉव पैक्स से आच्छादित होने के कारण, जनपद के समस्त पात्र गन्ना कृषकों को पैक्स के माध्यम से अतिरिक्त वित्त पोषण की सुविधा का लाभ प्राप्त कराया जा सकता है और गन्ना कृषकों को विकास की ओर अग्रसारिता करने के लिए सहकारिता विभाग पूर्ण रूप से संकल्पित है।
श्री विकास कुमार ने जनपद के समस्त गन्ना कृषकों से अपिल की है कि सम्बन्धित प्राथमिक सहकारी ऋण समिति (पैक्स) के सचिव, जिला सहकारी बैंक लि., बरेली की स्थानीय शाखा के शाखा प्रबन्धक अथवा अपने विकास खण्ड पर नियुक्त सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) से सम्पर्क स्थापित कर उक्त योजना का लाभ उठायें।
*पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना*
बरेली 5 जनवरी। ग्रामीण क्षेत्रों में बीहड़, बंजर एवं जल भराव क्षेत्रों को सुधारने, कृषि मजदूरों की आवंटित भूमि का उपचार करने हेतु पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना जनपद में लागू है। यह योजना मुख्य रूप से लघु तथा सीमान्त कृषक एवं भूमि हीन मजदूरों के लिए है, परन्तु यदि परियोजना क्षेत्र में कुछ सामान्य श्रेणी के कृषकों के क्षेत्र आते हैं और उन्हें सामुदायिक प्रकृति के कार्य जैसे कि बांध निर्माण, सुरक्षित जल निकास तथा जल निकासी नाले का निर्माण आदि प्रस्तावित हो रहा है, तो ऐसे सामान्य कृषकों जिनकी संख्या अत्यन्त सीमित होगी, को भी अपरिहार्य परिस्थिति में लाभार्थी के रूप में सम्मिलित किया जा सकता है।
भूमि सरंक्षण अधिकारी डॉ. विनोद यादव ने ये जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से लघु एवं सीमान्त कृषकों की अनुपजाऊ/कम उपजाऊ भूमि को उन्ही के द्वारा उन्ही के लिए उन्हीं से सुधार कराया जाता है। उन्होंने बताया कि परियोजना क्षेत्र में उपलब्ध बीहड एवं बंजर (कृष्य एवं अकृष्य भूमि) तथा ग्राम सभा की भूमि को भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को राजस्व विभाग के सहयोग से आवंटित कराकर अथवा पहले से आंवटित भूमि को खेती योग्य बनाया जाता है। बीहड़ एवं बंजर भूमि को सुधार कर कृषि उत्पादन योग्य बनाने के आलवा फसल उत्पादकता में वृद्वि हेतु कृषि, बागवानी एवं कृषि वानिकी से सम्बन्धित कार्य भी कराए जाते है।
डॉ विनोद यादव के अनुसार जल भराव क्षेत्रों का उपचार कर भूमि को फसल उत्पादन हेतु तैयार किया जाता है। इस कार्य लिए स्थानीय मजूदरों से कार्य कराया जाता है। जिससे ये योजना कृषकों के अतिरिक्त अन्य लोगों के रोजगार सृजन का माध्यम भी बनती है। डॉ. यादव के अनुसार परियोजना क्षेत्र के समस्त कृषक एवं कृषक मजदूर इस योजना के लाभार्थी होते है। परियोजना का चयन जल समेट क्षेत्र के आधार पर किया जा रहा है। परियोजना के क्षेत्र के चयन में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है, जहॉ पर भू-आवंटी, अनुसूचित जाति/जन जाति एवं लघु सीमान्त कृषकों की अधिकता होती है।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि बीहड़/बंजर भूमि के अन्तर्गत वह समस्त भूमि आयेगी जो अपनी क्षमता से कम उत्पादन कर रही है तथा इस भूमि का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। यह भूमि आवश्यक भूमि एवं जल संरक्षण के प्रबन्ध के अभाव अथवा अन्य मानव जनित कारकों से लगातार क्षरित हो रही है तथा ऐसी भूमि को आवश्यक भूमि एवं जल प्रबन्धन के बाद पूर्ण क्षमता पर उत्पादन देने योग्य बनाया जा सकता है।
जनपद बरेली में पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्वि योजना ग्राम पंचायत का नाम रामनगर के ग्राम का नाम रसूलपुर में 101.00 हेक्टेयर क्षेत्र में लागू की गई है। इस योजना के अन्तर्गत समोच्चरेखीय बॉध, मार्जिनल बॉध, समतलीकरण, फसल प्रदर्शन एवं कृषि वानिकी आदि का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के अन्तर्गत अब तक 3200 मानव दिवस भी सृजित किए जा चुके है।
डॉ विनोद यादव के अुनसार इस योजना के अन्तर्गत रसूलपुर द्वितीय के कृषक श्री मुरारी लाल पुत्र श्री बालक राम, तेजपाल सिंह पुत्र श्री मनोहर सिंह, सिप्पटर सिंह पुत्र श्री झन्डू आदि निवासी रसूलपुर रामनगर द्वारा अवगत कराया गया कि उनके खेत में काम होने से पूर्व बड़ी बड़ी झाड़िया खड़ी थीं, भूमि ऊचीं नीची थी, जिसके वजह से काफी समय से खेती नहीं हो रही थी। अब भूमि संरक्षण द्वारा झाड़ियॉ समाप्त कर भूमि को समतल कर मेड़बंदी करा दी गयी है। अब उनके खेतों में हरी भरी फसल लह लहा रही है। खेतों में पक्के कुलावे का भी निर्माण कराया गया है जिससे खेती में कटान एवं पानी बहाव की सुविधा भी हो गयी है। लाभार्थी कृषकों ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले बीस सालों में रबी एवं खरीफ की फसलें बहुत कम मा़त्रा में बोई जाती थी। अब भूमि संरक्षण विभाग द्वारा मेड़बंदी एवं समतलीकरण आदि कार्य होने के बाद सिंचाई आदि कार्यों में बचत के फलस्वरूप कम लागत में अच्छा उत्पादन हो रहा है।