
सरकारी वकील की पिटाई का मामला सरकार की गले की फांस बनने लगा
*उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने आज प्रदेश भर विरोध का किया एलान
एटा। सोमवार 21 दिसम्बर को एटा के सरकारी वकील राजेन्द्र शर्मा एवं उनके परिवार को पीटे जाने और जेल भेजने के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश बार कौंसिल बेहद गम्भीर हो गई है। कौंसिल के चेयरमेन जानकी शरण पांडेय ने कड़ा प्रतिवाद करते हुये प्रदेश के सभी जनपदों में विरोध का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा है प्रकरण बेहद गम्भीर है अधिवक्ता के घर का दरवाजा तोड़ कर पुलिस ने बर्बर कार्यवाही की है और पूर्व परिवार को जेल भेजा है। उन्होंने कहा है प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। प्रत्येक जिले से अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन करते हुये जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेगे।
बार कौंसिल के उक्त आव्हान के बाद अधिवक्ता के शर्मनाक पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ विरोध को मुखर स्वर मिल गए है समझा जा रहा अधिवक्ताओ की प्रतिष्ठा से जुड़ा यह उत्पीड़न एटा के प्रशासन की भूमिका एवं सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकेगा?बताते हैं घटना से पूर्व ऐसी आशंका आला अफसरों से अधिवक्ता परिवार ने जताई थी और न्याय की मांग की थी।परन्तु उत्तर प्रदेश सरकार सहित पुलिस के तमाम अफसर अनसुनी करते रहे ।उल्टे जिला प्रशासन एवं पुलिस की सत्तारूढ़ दल के प्रतिपक्षियों को खुश किया गया।
काले कोट के सारे बाजार अपमान को लेकर अधिवक्ता समाज बेहद आहत और उत्तेजित है। अब देखना एटा के सरकारी अधिवक्ताओं प्रतिष्ठा को आंच दिखाने बाला यह मामला क्या रंग लाता है. ??