AIMPLB ने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को बताया शरिया के खिलाफ, सुन्नी बोर्ड ने दिया जवाब

अयोध्या के धन्नीपुर गांव में विशाल मस्जिद के प्रस्तावित निर्माण को AIMPLB के 2 सदस्यों ने जहां वक्फ कानून एवं शरीया कानून के खिलाफ करार दिया है वहीं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जोर देकर कहा कि बनने वाली मस्जिद पूरी तरह से कानूनी है. अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि पिछले साल के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद वक्फ कानून के खिलाफ है और शरीया कानून के अनुसार अवैध है.
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक रहे जिलानी ने कहा- वक्फ कानून के अनुसार मस्जिद अथवा मस्जिद की जमीन की अदला बदली नहीं हो सकती है. अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद इस कानून का उल्लंघन करती है. यह शरीया कानून का भी उल्लंघन करती है.
जिलानी के आरोपों का जवाब देते हुये सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफार फारूकी ने बताया कि यह भूमि के टुकड़े की अदला बदली नहीं है. उन्होंने इंगित किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में धन्नीपुर गांव की जमीन उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को आवंटित की गयी है और बोर्ड ने स्टाम्प ड्यूटी चुका कर इसे कब्जे में लिया है. उन्होंने कहा,₹- बोर्ड ने इसके लिये नौ लाख 29 हजार 400 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चुकायी है. उन्होंने कहा कि यह संपत्ति अब वक्फ बोर्ड की है.