रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने अपने शो में कहा कि अगर नए कृषि कानून लागू हो गए तो राजनेता दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे

*रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने अपने शो में कहा कि अगर नए कृषि कानून लागू हो गए तो राजनेता दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नया शाहीन बाग नहीं बनने देंगे* नए कृषि कानून और किसान आंदोलन पर रिपब्लिक टीवी पर बहस के दौरान अर्नब गोस्वामी ने कहा कि अगर नए कृषि कानून लागू हो जाएंगे तो राजनेता दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। अर्नब बोले, ‘सिरसा जी आप मेरी बात सुनिए। कई मुद्दों पर हम साथ में खड़े हैं। हम तो आपके दोस्त हैं। आप मेरे बड़े भाई हैं। आप यह मत कहिए कि मैं मोदी भक्त हूं, अमित शाह की तरफदारी कर रहा हूं। आज सरकार ने प्रस्ताव भेजा उसमें काफी कुछ साफ कर दिया है।’ इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि जगत सिंह जैसे लोग देशद्रोही हैं। इसपर जगत सिंह भड़क गए और बोले, ‘मैं सबसे बड़ा देशभक्त हूं। तुम जैसा गद्दार नहीं हूं जो सेना पर सवाल उठाऊं। तुम बिगड़े हुए बेशरम हो।’ एसपी प्रवक्ता ने कहा, तुम जैसे लोग किसानों को बेच देते हो। तुम किसान नहीं देश द्रोही हो। इसपर जगत सिंह ने कहा, ‘टोटी तोड़कर ले गए तुम किसान हो। ये तो शराब पीकर बहस कर रहा है। चैनल वाले शराबियों को दिखा रहा है। शऱाब पियो, तुमको गाली देने में भी शर्म नहीं आ रही है।’ अर्नब ने बीच में कहा, यहां कोई शराब पीकर नहीं आया है। ऐसी बातें न करें। अर्नब ने कहा, ‘आज जो सरकार ने प्रस्ताव रखा उसमें मंडियां पहले की तरह काम करती रहेंगी। किसान कहीं भी फसल बेच सकेंगे। किसानों को कोर्ट जाने का अधिकार होगा। एमएसपी चलती रहेगी। निजी कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ये तो बहुत बेहतरीन प्रस्ताव हैं फिर आपको दिक्कत क्या है।’ गोस्वामी ने कहा, ‘मैं आपकी दुविधा समझ रहा हूं। आप न घर के न घाट के हैं। आप बीजेपी और अमरिंदर सिंह के बीच फंस गए हैं। मैंने कहा एमएसपी खत्म नहीं होगी आप सुनने को तैयार नहीं हैं।’ अर्नब ने कहा, ‘किसानों के लिए फास्टट्रैक कोर्ट मीडिया वालों के लिए नहीं किसानों के लिए बनेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू को जब वोट चाहिए तो अमरिंद सिंह के साथ चले जाएंगे। आप किसानों के बारे में नहीं पॉलिटिक्स के बारे में सोचते हैं। अगर नया कानून लागू हो गया तो राजनीति वाले लोग दाने-दाने के मोहताज हो जाएंगे। ये लोग भ्रम फैला रहे हैं। मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी। मैं यहां शाहीन बाग-2 नहीं बनने दूंगा

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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