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उत्तर प्रदेश व जिला सहकारी बैंक के ग्राहक भी कर सकेंगे नेट बैकिंग से लेन-देन
◾सहकारिता विभाग ने नेट बैंकिंग के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया
◾1364 शाखाओं के ग्राहकों को मिलेगा इसका लाभ
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच लोकप्रिय उ.प्र. सहकारी बैंक लि. और 50 जिला सहकारी बैंक के ग्राहकों को भी जल्द ही नेटबैंकिंग की सुविधा मिल जाएगी। सहकारिता विभाग ने नेट बैंकिंग के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन कर दिया है। नेटबैंकिंग का अधिकार मिल जाने पर सहकारी बैंकों से जुड़े लाखों ग्राहक भी मौजूदा दौर की बैंकिंग की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे।
सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव एमवीएस रामीरेड्डी ने बताया है कि नेटबैंकिंग का लाइलेंस जल्द मिल जाने की उम्मीद है। नेट बैकिंग शुरू हो जाने से सहकारी बैंकों के ग्राहक भी आरटीजीएस और निफ्ट के माध्यम से सुविधाजनक तरीके से घर बैठे बैकिंग का लाभ ले सकेंगे। सहकारी बैंकों का अपना आईएफएससी कोड मिल चुका है।
नेटबैंकिंग लाइसेंस मिलने पर यूपी सहकारी बैंक लि. की 29 शाखाएं और 50 जिला सहकारी बैंकों की 1335 शाखाओं के लाखों ग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा। इन 51 बैंकों की कुल 1364 शाखाएं पूरे प्रदेश में विस्तारित हैं। इसके साथ ही 7439 प्रारंभिक समितियां भी हैं, जिन्हें की सहकारी बैंकों के एक्सटेंशन काउंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन प्रारंभिक समितियों पर केंद्र सरकार की सहयोग से माइक्रो एटीएम जल्द लगाए जाएंगे। माइक्रो एटीएम लगाने और नेट बैंकिंग की सुविधा लेने को इन 51 बैंकों का विलय कर एक बड़ा बैंक बनाने की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। सहकारिता विभाग ने सहकारी बैंकों के विलय की रूपरेखा खींच ली है। बहुत जल्द विलय का मसौदा मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की तैयारी है।