प्रदेश में ब्लाक स्तर पर खुलने वाली प्रथम ब्लड स्टोरेज यूनिट का हुआ शुभारम्भ

योगी सरकार से जलेसर को मिली ब्लड स्टोरेज यूनिट की सौगात

प्रदेश में ब्लाक स्तर पर खुलने वाली प्रथम ब्लड स्टोरेज यूनिट का हुआ शुभारम्भ

हाई रिस्क प्रिगनेन्सी वाली महिलाओं को मिलेगा फायदा——— सीएमओ

एटा ! उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी के निर्देशन में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अरविन्द कुमार गर्ग के नेत्रत्व में जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ डा. अरविन्द कुमार गर्ग ने स्वराज्य टाइम्स को बताया कि प्रसूता महिलाओं में खून की कमी से होने वाली जटिलताओं को सरल बनाने के उद्देश्य से जनपद के ब्लॉक जलेसर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लड स्टोरेज यूनिट का मंगलवार को शुभारंभ किया गया।जिससे जलेसर व समीपवर्ती क्षेत्रों में हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं में खून की कमी से होने वाली जटिलताओं का सामना करने में सहायता होगी। व जल्द से जल्द रक्त की आपूर्ति की जा सकेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरविंद कुमार गर्ग ने आगे बताया कि पहले जलेसर व समीपवर्ती क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर ट्रांसफ्यूजन की स्थिति आने पर रक्त की पूर्ति के लिए मुख्यालय स्थिति ब्लड बैंक से रक्त पूर्ति करने की आवश्यकता पड़ती थी। जिसमें काफी समय लग जाता था।उक्त ब्लड स्टोरेज यूनिट के होने से एनीमिक गर्भवती महिलाओं को तत्काल ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
एसीएमओ आरसीएच डा. बी.डी. भिरोरिया ने बताया कि प्रदेश में ब्लाक स्तर पर खुलने वाली यह प्रथम ब्लड स्टोरेज यूनिट है। जिसकी क्षमता 200 यूनिट है। अभी इस इकाई में 10 से 20 यूनिट ब्लड हर समय उपलब्ध रहेगा। और समय व जरूरत के अनुसार इसे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जलेसर में कुल 4127 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। जिसमें से 157 महिलाएं ऐसी हैं जिनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा 11 ग्राम से कम है। वह 42 महिलाएं 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाली अर्थात हाई रिस्क वाली हैं। एसीएमओ ने बताया कि आज दो हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली गर्भवती महिला(जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम है) विमलेश(जैनपुरा) व राधिका(जैनपूरा) को रक्त चढ़ाया गया।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता ताहिरा अल्वी ने बताया कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट, आयरन सुक्रोज, पोषक व आयरन युक्त आहार देकर हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाए जाने का प्रयत्न किया जाता है। परंतु यदि किसी भी कारणवश किसी समय ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता पड़ती है तो ब्लॉक में ब्लड स्टोरेज यूनिट द्वारा रक्त की आपूर्ति की जा सकेगी। जिससे प्रसव के समय जटिलताएं ना हो। उन्होंने बताया कि जलेसर ब्लॉक में सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2111 सुरक्षित प्रसव किए जा चुके हैं। उक्त अवसर पर भाजपा नेता प्रत्येन्द्रपाल सिहं व पालिकाध्यक्ष सहित सीएचसी के अधीक्षक डा. पवन शर्मा आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे  !

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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