*लॉकडाउन में मिला नया आइडिया, खुद को मिला रोजगार और लोगों की परेशानी हुई दूर*
कानपुर। लॉकडाउन ने भले ही लोगों को परेशानी में डाला हो, लेकिन इसके चलते लोगों के दिमाग में नित नए आइडिया विकसित हो रहे हैं। ऐसे ही एक आइडिया ऑटो सर्विस सेंटर के मिस्त्री के दिमाग में आया। लॉकडाउन में उनका सर्विस सेंटर बंद पड़ा है और उनके हाथ भी खाली हैं। ऐसे में जब उन्होंने बाइक सवारों को पंचर होने या बाइक खराब होने पर कई किलोमीटर तक वाहन खींचते देखा तो उनका दिमाग चल पड़ा और उन्होंने खुद के लिए रोजगार शुरू करने के साथ-साथ बाइक सवारों को भी बड़ी राहत दे दी है।
तैयार की रिपेयरिंग की चलती फिरती दुकान
किदवईनगर के एक सर्विस सेंटर पर काम करने वाले अजय कठेरिया के सामने लॉकडाउन में परिवार का पेट पालने का संकट खड़ा हो चुका था। वह लॉकडाउन खुलने का इंतजार कर रहे थे, ताकि फिर से आमदनी शुरू हो सके। इसी दौरान काम से इधर-उधर जाते समय उन्होंने सडक़ पर कई ऐसे बाइक सवारों को देखा जो कई किलोमीटर तक बाइक को पैदल ही खींचते मिले। किसी का टायर पंचर था तो किसी में तकनीकी खराबी थी। यह देख अजय को नया आइडिया मिल गया और उन्होंने एक ई-रिक्शा को ही दुकान में बदल दिया।
तीन पहियों पर छोटा सा सर्विस सेंटर
ई-रिक्शे पर बनाई गई इस चलती फिरती दुकान में बाइक रिपेयरिंग से जुड़ा हर सामान है और कई जरूरी पाट्र्स भी स्टॉक में हैं। इसके अलावा नए टायर और ट्यूब के साथ हवा भरने वाला सिलिंडर भी रखा हुआ है। अजय ने इस दुकान में ऐसी व्यवस्था कर रखी है कि इसमें बाइक, कार और साइकिल के पंचर, हल्की फुल्की मरम्मत की व्यवस्था की जा सके। अजय के मुताबिक हाईवे से लेकर तमाम गली, मोहल्लों के चक्कर लगाकर वह दिन भर में परिवार का पेट पालने भर का काम का लेते हैं।
कुछ ही दिनों में हो गए चर्चित
इस समय अजय का मोबाइल नंबर सैकड़ों बाइक सवारों के पास है। घर के आसपास कई मोहल्लों से लेकर हाईवे तक वे ई-रिक्शा पर चलती फिरती दुकान के साथ घूमते फिरते हैं और रास्ते में जगह-जगह उन्हें काम मिल जाता है। इसके अलावा अगर किसी का वाहन खराब होता है तो वह खुद ही फोन करके अजय को बुला लेता है। इससे उसे बाइक लेकर दुकान नहीं तलाशनी पड़ती और मौके पर ही उसका काम हो जाता है। दूसरी तरफ अजय को भी लॉकडाउन में अच्छा काम मिल गया है।