आखिर क्या मिल सकती है अभी भी प्रदेश सरकार से स्कूल फीस माफी के चलते राहत
शासन की ओर से विद्यालय में क्या निर्देश दिए गए है शोसल डिस्टेंस के अनुपालन में
क्या बाकई में हो रहा है विद्यालयों में शोसल डिस्टेंस का अनुपालन

बुलंदशहर । अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला के निर्देशों के बाद शिक्षा प्रणाली को विद्यार्थियों की जरूरत समझते हुए प्रथम चरण के अन्तर्गरत उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षा बोर्ड के कक्षा 9 से 12 की शिक्षा देने हेतु छात्रो के लिए 19 अक्टूबर से विद्यालय खोले जाने हेतु निर्देश दिए जा चुके है और उसका जिला स्तर पर अनुपालन भी हो चुका है । माना यह भी जा रहा है कि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए केन्द्र सरकार की गाइडलाइन्स का इंतजार किया जा रहा है । क्योंकि अभी कक्षा नो दस ग्यारह ओर बारह के छात्रों के लिए ही विद्यालय खोले जाने के निर्देश दिये गए हैं । अगर शिक्षा स्तर के प्रथम चरण में अनुपालन हेतु कोई समस्या नही बनती है तो उसके बाद केन्द्र सरकार कक्षा एक से आठ के छात्रों के लिए भी विद्यालयों को खोलने की मंजूरी दे सकती है । किन्तु उसके बाद भी प्रदेश सरकार के विचार विमर्श होने के उपरांत ही इस विषय पर कोई अगला कदम तैयार हो पायेगा । फिलहाल के सूत्रों के अनुसार दिसंबर तक परिषदीय विद्यालय न खोले जाने की बात ही बताई जा रही है । क्योकि यह आकलन बनाया गया था कि बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को तो कोविड 19 के अन्तर्गरत होने वाले अनुपालन के विषय को समझाया जा सकता है किन्तु कक्षा एक से आठ के छात्र छात्राओं को शोसल डिस्टेंस मास्क लगाना बार बार हाथ धोने जैसे विचारों को समझाना मुश्किल हो सकता था ।
विद्यालय खोले जाने हेतु दिए गए थे प्रदेश की सरकार के दुआरा जरूरी निर्देश जिसके अन्तर्गरत बताया गया था , कि प्रतिदिन विद्यालय को सेनेटाइजर किया जाए एवम हैंड वॉश थर्मल स्केनिंग ओर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की जाए । यदि किसी शिक्षक विद्यार्थी या अन्य कर्मी को खांसी जुकाम अथवा बुखार की समस्या है तो तत्काल प्राथमिक उपचार देते हुए घर भेज दिया जाए । विद्यार्थी अथवा स्कूल स्टाफ को हैंड वॉश या हैंड सेनेटाइजर करवाने के पश्चात ही विद्यालय में प्रवेश करना अनिवार्य होगा ।विद्यालय के मुख्य दुआर पर प्रवेश एवम छुट्टी के समय शोसल डिस्टेंस का पालन किया जाए और एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी न करने की वजाए धीरे धीरे विद्यार्थियों को विद्यालय से बाहर भेजा जाए । विद्यालय के अंदर विद्यार्थियों एवम शिक्षक और अन्य कर्मियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा जिसके लिए विद्यालय के प्रबंधक को ये व्यवस्था जरूरत के हिसाव से एडवांस में रखनी अनिवार्य होगी । विद्यार्थियों को अपनी कक्षा में 6 फिट की दूरी बनानी होगी ।ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाईन शिक्षा भी जारी होनी अनिवार्य होगी साथ ही ऑनलाइन शिक्षा को ओर अधिक प्रोत्साहित किया जाए ।अगर किसी विद्यार्थी के पास ऑनलाईन शिक्षा हेतु व्यवस्था उपलब्ध नही है तो विद्यालय में ऐसे विद्यर्थियों को शिक्षा देना अनिवार्य होगा । दो पालियों में शिक्षा प्रदान करवानी होगी प्रथम 9 ओर 10 कक्षा दूसरे में 11 ओर 12 कक्षा के छात्र छात्राओं को शामिल किया जाएगा । एक दिन में केवल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा बाकी अगले दिन बाकी 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को बुलाया जायेगा ।
माता पिता की सहमति के उपरांत ही विद्यर्थियों को विद्यालय में शिक्षा हेतु बुलाया जाना अनिवार्य होगा साथ ही किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने हेतु बाध्य नही किया जाएगा । ओर कोविड 19 के वचाव ओर उसके फैलाव को रोकने हेतु विद्यार्थियों को जागरूक किया जाये।
किन्तु सही मायने में कोविड 19 के महाप्रकोप से शिक्षा नीति पर काफी असर पड़ा है ऑनलाइन शिक्षा के संपर्क में कक्षा 9 से ऊपर के छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में माना जा सकता है कि कोई खास समस्या न हुई हो किन्तु इससे छोटी कक्षाओं के छात्र छात्राओं को सही मायने में काफी मुश्किल बन चुकी है । सही मायने छोटी कक्षाओं के छात्रों को ठीक प्रकार से ऑनलाइन शिक्षा नही मिल पाई है । ओर न ही इस ओर विद्यालय के अध्यापकों ने कोई खास प्रयास करने की जरूरत उठाना उचित समझा है । किन्तु फीस माफी के चलते अभी भी अभिवावक सरकार के किसी बड़े फैसले का इंतजार करने की उम्मीद बनाये हुए है ।ज्यादातर अभिभावकों का सर्वे किये जाने के पश्चात मालूम चला है कि उनके बच्चों का जीवन कोविड 19 के महाप्रकोप में आने के कारण अंधेरे में चला गया है ओर ऑनलाइन शिक्षा से बच्चों को कोई खास शिक्षा नही मिल पाई है । ऐसी स्थिति में परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो चुकी है अगर सरकार फीस माफी के चलते कोई जरूरी कदम उठाए तो इसका प्रदेश की जनता को , मानो काफी राहत भरा पैकेज ही मिलना बताया जाएगा । आखिर जनता की इस समस्या का कोई हल सरकार निकाल दे तो वर्तमान योगी सरकार के प्रति प्रदेश की जनता को उम्मीद भरी राहत की सांस मिल जाएगी । क्या विचार होगा इस पर यह तो सरकार का आने वाला समय ही तय करेगा किन्तु जनता आज भी इस विषय को लेकर काफी उम्मीद बनाये हुए है ।