नगर पालिका परिषद् एटा आखिर अपनी जिम्मेदारियों से कब तक भागेगी….???

एटा-नगर पालिका परिषद् द्वारा बनाये गये अस्थाई रैन बसेरा के ठीक सामने कीचड़युक्त गंदगी को भी नही साफ करा सकते क्या। जबकि योगी सरकार के सख्त आदेश के बाद भी नगर पालिका के अधिकारीगण व कर्मचारी अपनी अपनी ड्यूटी से मुँह फेरते बनते दिखाई पड रहे हैं। क्योंकि नगर पालिका द्वारा दिखावा तो शहर में ऐसा रहता है कि मानो कि स्वच्छ भारत मिशन का खिताब केवल और केवल एटा नगर पालिका परिषद् को ही मिलना चाहिये। जबकि हकीकत कुछ और दिखती है।
कोरोना काल में जहां लोग 2 गज की दूरी बनाने के साथ साथ, हाथ सैनिटाइजर से साफ कर रहे हे। लेकिन एटा बस स्टैंड पर बने रेन बसेरा के अंदर किसी भी प्रकार की सेवा उपलब्ध नहीं है। ना किसी यात्री के लिए मास्क उपलब्ध है और ना ही हाथ सैनिटाइजर कराने के लिए कोई सेनैटाइजर है।
तो बात आती हैं कि एटा नगरपालिका द्वारा कोरोनाकाल में भी लोगों की जिंदगी के साथ गंभीर नहीं है क्या उसे यह सब खेल लगता है।