सीहोर। गल्लामंडी में संचालित होम डिलीवरी माता की रसोई झोपड़पटटी इलाकों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए देवदूत बनी हुई है। माता की रसोई के मानवता के लिए समर्पित कार्यकर्ता शहर के तमाम झोपड़पटटी इलाकों में पहुंचकर लॉक डाउन के चलते घरों में बंद गरीब मजदूरों छोटे काम धंधे करने वालों जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे है।
हाम डिलीवरी भंडारा में विभिन्न प्रकार का लजीज भोजन प्रतिदिन गरीबों को कराया जा रहा है।
माता की रसोई से जुड़े आकाश रोहित बताते है की लॉक डाउन में छोटे काम धंधे बंद होने मजदूरी नहीं मिलने के कारण कई अतिगरीब परिवारों के समक्ष भूखे मरने की नौबत आ चुकी थी।
गरीबों की दयनीय दशा को देखते हुए कोरोना आपदा से निपटने के साथ गल्लामंडी के दानदाताओं और जनप्रतिनिधियों ने माता की होम डिलीवरी रसोई वितरण शुरू करने का निर्णय लिया। जिस के बाद मंडी स्थित प्राचीन मंदिर परिसर से कार्य जनहित में प्रारंभ किया गया बीते एक माह में लगातार मानवसेवा के लिए समर्पित युवा इस पुनित कार्य से जुड़ते चले गए।
माता की रसोई के माध्यम से शहर के अटल बिहारी नगर, जसपाल नगर, जनता कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, टप्पर मोहल्ला सहित अन्य मोहल्लों में प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को भोजन वितरण किया जा रहा है। माता की रसोई के द्वारा घर तक जरूरतमंदों को खाना उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाईन नम्बर भी जारी किए गए है।
स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के द्वारा भोजन वितरण के दौरान नागरिकों को घरों में रहने स्वच्छता बनाई रखने सेनिटाईजर से हाथ धोने लॉक डाउन और जिला प्रशासन के द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा जा रहा है माता की रसोई संचालनकर्ताओं ने जनहित में दानदाताओं से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की है।