आने वाले 48 घण्टों में जालंधर, पठानकोट, लुधियाना, करनाल, पंचकूला, चंडीगढ़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, सहारनपुर, जयपुर समेत उत्तर भारत के शहरों में वर्षा की संभावना

????आने वाले 48 घण्टों में जालंधर, पठानकोट, लुधियाना, करनाल, पंचकूला, चंडीगढ़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, सहारनपुर, जयपुर समेत उत्तर भारत के शहरों में वर्षा की संभावना☃️

सहारनपुर/नई दिल्ली: उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों से इस साल मॉनसून विदाई से लगभग 1 माह पहले से ही काफी कमजोर हो गया था और बारिश की गतिविधियां सितंबर के पहले पखवाड़े के बाद से ही बहुत कम हो गई थी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के उत्तरी भागों, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तकरीबन 15 सितंबर के बाद से मौसम शुष्क बना हुआ है। यानी 2 सप्ताह का लंबा शुष्क मौसम का दौर इन क्षेत्रों में देखने को मिला है।

इस बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में जम्मू कश्मीर के करीब पहुंचने वाला है। इस सिस्टम का प्रभाव कल से दिखेगा। मैदानी क्षेत्रों में उम्मीद है कि 14 या 15 नवंबर को एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पश्चिमी विश्व के प्रभाव से विकसित होगा, जो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों तथा उत्तर पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 15 और 16 नवंबर को वर्षा दे सकता है।

पंजाब-हरियाणा में बारिश

इस दौरान पंजाब में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मनसा, बठिंडा, श्रीमुक्तसर साहिब, फाजिल्का, फरीदकोट, फिरोजपुर में गर्जना के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।

हरियाणा में भी पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, झज्जर, फरीदाबाद, पलवल में वर्षा देखने को मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश में आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज, बुलंदशहर, बदायूं, मेरठ, हापुड़, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद में हल्की वर्षा हो सकती है। राजस्थान में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनू, अलवर, जयपुर, भरतपुर, करौली, दौसा, धौलपुर में भी हल्की वर्षा होने की संभावना है।

दिल्ली में दिवाली बाद बारिश

दिल्ली और एनसीआर के शहरों में भी 15 नवंबर को यानी दीपावली के अगले दिन कुछ स्थानों पर वर्षा देखने को मिल सकती है। बारिश की तीव्रता बहुत ज्यादा नहीं होगी, इसलिए मौसम पर इसका व्यापक असर संभावित नहीं है। हालांकि कुछ हद तक दिन के तापमान में गिरावट और प्रदूषण से राहत की अपेक्षा की जा सकती है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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