
प्राईवेट नर्सिंग होम एवं अस्पतालों ने आशाओं में उपहार और मिठाइयां बांटकर दिखाए मुंगेरीलाल के हसीन सपने
एटा। वैसे तो शहर में रजिस्टर्ड नर्सिंग होम एवं अस्पताल के साथ ही अवैध रूप से भी गली-मोहल्लों में अवैध नर्सिंग होम्स का बोलबाला है। लेकिन इन रजिस्टर्ड और अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम का रिश्ता आशाओं के साथ क्या है यह पूरा जनपद जानना चाहता है?
इनका असली रिश्ता आज धनतेरस के मौके पर देखने को मिला क्योंकि रजिस्टर्ड नर्सिंग होम्स के साथ ही अवैध नर्सिंग होम्स ने आशाओं को रिझाने के लिए उपहार एवं मिठाइयां बांटकर अपने झांसे में लेने के लिए शानदार पहल की है। अब मुख्य चिकित्साधिकारी ही बता सकते हैं कि आशाओं की सेवाएं सरकारी अस्पताल के लिए हैं या प्राइवेट नर्सिंग होम्स के लिए क्योंकि गरीबों का खून चूसने वाले नर्सिंग होम्स एवं अस्पताल इतने दानवीर तो नहीं होंगे कि बिना किसी लालच के आशाओं पर इतने मेहरबान हो जाएं। वैसे तो शासन-प्रशासन का भरपूर प्रयास होता है कि गर्भवती महिलाएं बच्चे को जन्म जिला चिकित्सालय में ही दें फिर भी समय-समय पर जच्चा-बच्चा प्राईवेट नर्सिंग होम्स की भेंट चढ़ते रहते हैं लेकिन मुख्य चिकित्साधिकारी बदलते रहते हैं लेकिन व्यवस्थाएं ज्यों के त्यों रहती हैं बाकी मुख्य चिकित्साधिकारी बहुत ही ईमानदार हैं इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।