राजस्थान सरकार ने गुर्जरों की सभी मांगें मानी, लेकिन दूसरे धड़े की सहमति अभी नही

राजस्थान सरकार ने गुर्जरों की सभी मांगें मानी, लेकिन दूसरे धड़े की सहमति अभी नही

राजस्ठान सरकार ने गुर्जरों की सभी मांगें मान ली हैं. कैबिनेट सब कमेटी में सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं. 7 घंटे की वार्ता के बाद में बैठक का निष्कर्ष निकला और सभी मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है, जिसके बाद में अब गुर्जरों का एक पक्ष पूरी तरह से सरकार की वार्ता के बाद सहमत हो गया है.

हालांकि अभी भी दूसरा धड़ा ऐसा है, जिसके रिएक्शन का अब तक इंतजार है. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने पीलूपुरा में आंदोलन का ऐलान किया हुआ है. मंत्री रघु शर्मा और अशोक चांदना ने गुर्जर नेताओं से बात की थी. 

सहमति के बाद इन बिन्दुओं पर निर्णय लिए गए-
● गुर्जर आरक्षण के दौरान 3 मृतकों कैलाश गुर्जर, मानसिंह गुर्जर, बद्री गुर्जर के परिवारजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. इन तीनों के परिवारों के एक एक सदस्य को नगर परिषद/नगर निगम में नौकरी दी जाएगी.
● अति पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2019 के लागू होने के समय प्रक्रियाधीन समस्त भर्तियों में पांच प्रतिशत आरक्षण देते हुए अब तक अति पिछड़ा वर्ग के 2297 चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा इसके अलावा अभी तक पूर्ण होने से शेष भर्तियों में अति पिछड़ा वर्ग के लिये 5 प्रतिशत के अनुसार जितने भी पद आरक्षित हैं, उन पर चयन के पश्चात् अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी. एम.बी.सी. वर्ग के 1252 अभ्यर्थियों को नियमित वेतन श्रृंखला के समकक्ष समस्त परिलाभ दिए जाएंगे.
● वर्ष 2011 में हुए समझौते में केस वापसी के संबंध में आपसी समन्वय और केस वापसी की प्रगति के लिये पूर्व में जारी किये गये आदेश के तहत बैठक आयोजित की जाएगी. देवनारायण योजना के तहत निर्माणाधीन 5 आवासीय विद्यालयों और 5 अन्य आवासीय विद्यालयों की मॉनिटरिंग के लिये अधिकारियों की समिति गठित की जाएगी. इनपांच आवासीय विद्यालयों में से पीपर्रा आवासीय विद्यालय की टेंडर प्रक्रिया तुरन्त शुरू कर दी जाएगी. 
● मॉनिटरिंग के लिए गठित समिति नियमित रूप से कार्यों का निरीक्षण करते हुए पारदर्शितापूर्ण कार्य सुनिश्चित करेगी एवं 3 माह में प्रगति रिपोर्ट देगी. देवनारायण योजना की प्रगति के संबंध में केबिनेट उप- समिति के साथ अति पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी. अति पिछड़ा वर्ग में शामिल लबाना जाति के अलावा अन्य लोगों के लबाना जाति के  जारी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच की जाएगी. जांच के उपरांत यथोचित कार्यवाहीं होगी.
● खेल स्टेडियम का निर्माण पीपर्रा या मोरोली में से एक जगह पर किया जाए. कारवाड़ी एवं रूदावल में देवनारायण छात्रावास का निर्माण हो. बैठक में राइका समाज के प्रतिनिधी द्वारा घुमन्तु जातियों के बारे में दिये गये सुझावों का अध्ययन किया जायेगा. 

राज्य सरकार  द्वारा अति पिछड़ा वर्ग हेतु आरक्षण से सम्बंधित प्रावधान को नवीं अनुसूची में शामिल करने हेतु पूर्व में केंद्र सरकार को 22-02-2019 और दिनांक 21-10-2020 को लिखा गया. इसके लिए फिर भारत सरकार को उक्त आरक्षण प्रावधान को नवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्काल लिखा जायेगा. रीट 2018 के संबंध में एम.बी.सी. हेतु 940 पद 5 प्रतिशत के आधार पर बनते थे, जिनमें से 568 पर नियुक्ति दी जा चुकी है, शेष 372 पदों के बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख शासन सचिव, शिक्षा, प्रमुख शासन सचिव, विधि, एवं प्रमुख शासन सचिव, कार्मिक विभाग की समिति बनाकर सात दिवस में समुचित विधिक निर्णय लिया जाएगा.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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