
तुम जातीव्यवस्था का अंत करो हम आरक्षण छोडेंगे। डॉ. राजन माकणीकर
मुंबई सदीयो से पिडादायक जीवन जिने पर मजबूर कि गयी जातियो को आरक्षण से मजबूत करणे का संविधान द्वारा प्रयास किया गया मात्र प्रस्थापित जातियो द्वारा जातीव्यवस्था समूल नष्ट की जाणे पर आरक्षण खतम करणे पर विचार हो शकता है, येह बात रिब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रॅटिक राष्ट्रीय महासचिव डॉ राजन माकणीकर ने पत्र द्वारा की है।
डॉ. माकणीकर आगे केहते है की, सदियो से जिसे जातियो के नाम पर शोषित किया गया, पिडादायक जीवन जिने को मजबूर किया गया, जिसे उनके अधिकरो से वंचित रखा गया वो जिसे डाल जैसे पीसा गया, जिसे दलित नामक गाली से संबोधित किया गया, ऐसे दबे कुचले समाज को समविधान द्वारा आरक्षण से मजबुती लाने का प्रयास किया गया मात्र प्रस्तापित जातियो द्वारा जातीव्यवस्था खतम की जाती है तो आरक्षण खतम किये जाणे पर विचार किया जा सकता है, इसलीये हम चिंतन करणे को तयार है।
जातीया कलंक है भारत के लिये भारत का सर्वनाश और विखंडन जातियो ने किया है, इन जातियो का भेदभाव फैलानेवलो ने शोषक मानसिकता के साथ बडी ही कुटीलता से येह कहा की पिच्छले जन्म के कर्म है, तुम्हारा इस वर्ण मे जन्म हुआ है, तुम्हारा जन्म से येही कार्य है की तुम्हारी जाती फलाना है, ऐसे दृष्ट लोगो ने सडीयो से एक बहुत बडे वर्ग को पीडित किया शोषित किया उनके अधिकार से वंचित रखा, इस व्यवस्था का अंत करके भारत को शक्तिशाली बनाना होगा वरणा भारत का सर्वनाश तय है.
आरक्षण के विरोध मे बोलनेवाले जातीव्यवस्था खतम करते है रोटी बेटी व्यवहार करते है तो हम आरक्षण छोडणे पर विचार कर शकते है. इसलीये पार्टी के वरिष्ठ नेतावो से चर्चा कर पूज्य भदंत शिलबोधी के नेतृत्व मे कनिष्क कांबळे के अध्यक्षता मे एक कमिटी गठीत कर आगे का कार्यक्रम बनाया जायेगा ऐसे भी अंत ने डॉ राजन माकणीकर ने कहा।