अलीगढ़ में सात और मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव, अब तक 24 केस मिले

अलीगढ़ में सात और मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव, अब तक 24 केस मिले

अलीगढ़ । अलीगढ़ में सात और मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। दोपहर तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सुबह चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अब तक कुल 24 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। एक की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, लेकिन इसे अभी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई है। कुल 23 मरीजों का इलाज चल रहा है।

अलीगढ़ में फूटा कोरोना बम, डॉक्टर दंपती समेत पांच संक्रमित

जिले में रविवार को कोरोना बम फूटा। देहली गेट क्षेत्र के डॉक्टर दंपती सहित पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें दो ऊपरकोर्ट के सगे भाई हैं। एक अलहदादपुर नींवरी का है, जो जेएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में लैब टेक्नीशियन है। इनके परिवार व संपर्क में आए करीब 50 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है।

मृतक की भतीजी है डॉक्टर
संक्रमित मिली महिला डॉक्टर कोरोना से 21 अप्रैल को मृत 55 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति भतीजी है। इसके पिता की की उसी दिन हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। तब पूरे परिवार के लोगों की जांच कराई गई। सभी लोग क्वारंटाइन हैं, मगर जगलगढ़ी में हॉस्पिटल चलाने वाली डॉक्टर बेटी व दामाद के सैंपल नहीं लिए गए थे। शनिवार को जयगंज में संक्रमित पाई गई गर्भवती महिला द्वारा इनके हॉस्पिटल में इलाज की बात सामने आने पर डॉक्टर दंपती, उनके आठ व तीन वर्षीय ब”ाों के सैंपल लिए गए। रविवार को दोनों संक्रमित पाए गए। ब”ो छोटे होने के कारण दंपती को होम क्वारंटाइन किया गया है। 10 अप्रैल से अब तक हॉस्पिटल में आए मरीजों की स्क्रीङ्क्षनग के निर्देश डीएम ने दिए हैं।
मेडिकल के जरिये आ रहे कोरोना के केस : डीएम

शहर में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण के केसों के लिए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने जेएन मेडिकल कॉलेज को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कहा है कि मेडिकल कॉलेज के माध्यम से ही कोरोना के केस आ रहे हैं। एएमयू प्रशासन ने इस आरोप को गलत करार दिया है। 19 अप्रैल तक जिले में सबकुछ ठीक था। ऐसा लग रहा था कि जल्द ही कोरोना से जीत हासिल कर लेंगे। लोग लॉकडाउन के जल्द समाप्त होने की उम्मीद जता रहे थे। 20 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए उस्मानपाड़ा के 55 वर्षीय मरीज ने प्रशासन ने नींद उड़ा दी। यह मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचा था। यहां हुई जांच में पॉजिटिव पाया गया । दूसरे दिन मौत हो गई।
अधिकांश मरीज उस्मानपाड़ा से

अब जो भी मरीज सामने आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश का लिंक उस्मानपाड़ा से ही निकल रहा है। संक्रमित पाई गई जयगंज की गर्भवती महिला ने संक्रमण से जान गंवाने वाले शख्स की भतीजी के जंगलगढ़ी में संचालित अस्पताल में इलाज कराया था। रविवार को अस्पताल संचालिका व उसका पति भी संक्रमित मिले। दो मरीज ऊपरकोट के दो सगे भाई हैं। इनमें एक युवक जेएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन है।
पांच मरीजों के पॉजिटिव मिलने पर डीएम ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि मेडिकल कॉलेज के माध्यम से केस आ रहे हैं।

ड्यूटी से रोका

एएमयू के प्रवक्ता प्रो, शाफे किदवई ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पर आरोप गलत हैं। उस्मानापाड़ा के मरीज के सीधे मेडिकल में आने के बाद 70 लोगों के स्टॉफ की जांच हुई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। संक्रमण का फैलाव होता तो पता चल जाता है। ऊपरकोट में संक्रमित मिला मरीज पैथोलॉजी लैब में एलटी रहा है। उस्मानपाड़ा के मरीज के पता चलने के बाद से उसे ड्यूटी से रोक दिया था।

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