इलाहाबाद HC के पूर्व जज और उनकी पत्नी बेटे द्वारा घर से निकालने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे।

हाई कोर्ट पूर्व जज को जिला मजिस्ट्रेट के पास जाने का निर्देश दिया।
जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि 2 महीने में पूर्व जज और उनके बेटे के बीच संपत्ति के स्वामित्व विवाद को हल करे।
HC में रिट याचिका में आरोप लगाया गया कि वह विवादित घर के पंजीकृत मालिक थे,उनके बेटे चंदन कुमार ने उन्हें अवैध रूप से बेदखल कर दिया है।
न्यायमूर्ति कुमार को अप्रैल 2001 में इलाहाबाद HC के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और उन्होंने 13 सितंबर, 2008 तक अपनी सेवा दी थी।