
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही
कांग्रेस की प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने हाथरस के गैंगरेप मामले में जिस प्रकार विपक्ष की भूमिका निभाई है वह कांग्रेस के लिए तो फायदेमंद हो ही सकती है और उत्तर प्रदेश में बहुत दिनों से एक विपक्ष का जो सूनापन दिखाई दे रहा था इस सक्रियता के बाद वह भरता हुआ दिखाई दे रहा है। इस समय समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस बहुत आगे निकल चुकी है। एक तरफ समाजवादी पार्टी का नेतृत्व और बहुजन समाज पार्टी का नेतृत्व केवल ट्विटर के माध्यम से न्याय की मांग कर रहा है वहीं प्रियंका गांधी और राहुल गांधी दो बार प्रयास करने के बाद आज हाथरस में पहुंचे और उनके परिवार से लगभग 1 घंटे तक मुलाकात की। और प्रियंका गांधी ने कहा जहां भी अन्याय होगा जिसके साथ अन्याय होगा वह उसके साथ खड़ी हैं। इस कदम से कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में काफी मजबूती मिलने की संभावना बढ़ रही है। यदि इसी तरह प्रियंका गांधी आगे उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहीं तो वह दिन दूर नहीं जब 2022 में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में आ सकती है।
लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना भी एक अच्छा कदम होता है आज उत्तर प्रदेश में जिस तरह अन्याय बढ़ते जा रहे हैं उसमें कांग्रेस एक मुख्य रूप से विपक्ष की भूमिका निभा रही है। यह लोकतंत्र के लिए सही कदम है। क्षेत्रीय दल उतना आंदोलन जमीन पर नहीं कर पा रहे जितना जरूरत है ।
यदि सपा व बसपा को अपनी जमीन बचानी है तो उसके सेनापतियों को महलों से सड़क का रास्ता चुनना पड़ेगा।