
पटना, जेएनएन- बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय होता दिख रहा है। इसके पहले कांग्रेस ने अपना रूख भी नरम किया। बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के कड़े बयान से नाराज राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव की राहुल गांधी से सीधी बातचीत हुई। विदित हो कि कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने तेजस्वी यादव के अनुभव व योग्यता पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि अगर सीटों की बात नहीं बनी तो कांग्रेस हर स्थिति के लिए तैयार है। इसपर आरजेडी ने भी पलटवार किया। फिर मामला बिगड़ता देख प्रियंका गांधी ने हस्तक्षेप किया। राहुल व तेजस्वी की भी बात हुई। महागठबंधन के नेता पुष्टि नहीं कर रहे, लेकिन कहा जा रहा है कि आरजेडी करीब 138 सीटों पर लड़ेगी तो कांग्रेस भी करीब 68 सीटों के लिए के लिए राजी हो गई है।
महागठबंधन में सुलझ गया कांग्रेस की सीटों का विवाद-
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस व आरजेडी के बीच कई दौर की बैठकाें एवं राहुल गांधी व तेजस्वी यादव की बातचीत के बाद महागठबंधन में कांग्रेस की सीटों का विवाद सुलझ गया है। बताया जाता है कि आरजेडी व कांग्रेस दोनों से लचीला रूख अपनाया है। आरजेडी करीब 138 सीटों पर अपने प्रत्याशी देगी तो कांग्रेस भी अपनी मांग से घट कर करीब 68 सीटों के लिए राजी बताई जा रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माले को 19 तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को आरजेडी 10 सीटें देने को राजी हो गई है। विकासशील इनसान पार्टी को भी करीब एक दर्जन सीटें दी जा सकतीं हैं। बताया जाता है कि बातचीत का दौर अभी भी जारी है, इसलिए सीटों की संख्या में हल्की फेरबदल हो सकती है।
शक्ति सिंह गाेहिल के बयान से नाराज हो गए थे तेजस्वी
विदित हो कि राहुल गांधी के हस्तक्षेप के पहले तक महागठबंधन में सीट बंटवारे का पेंच फंसा हुआ था। आरजेडी करीब 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता था। कांग्रेस अपने लिए 70 से 80 सीटें मांग रही थी, लेकिन आरजेडी 65 से अधिक देने के लिए तैयार नहीं थी। कांग्रेस किसी समझौते के मूड में नहीं दिख रही थी। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं के बयान आ रहे थे। बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के ताजा बयान से तेजस्वी यादव बेहद नाराज हो गए थे।
गोहिल ने तेजस्वी पर उठा दिए थे सवाल-
शक्ति सिंह गोहिल ने कहा था कि युवा तेजस्वी यादव में अनुभव की कमी है, उन्हें कोई गुमराह कर सकता है। अगर लालू प्रसाद यादव जेल में नहीं रहते तो यह मामला सुलझ गया होता। गोहिल ने चेतावनी दी कि कांग्रेस व आरजेडी के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर आरजेडी को नुकसान होगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि कांग्रेस अपने सहयोगियों के साथ मिल कर कोई भी फैसला कर सकती है। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस अपनी हठधर्मिता छोड़ आरजेडी की बात मान ले तथा महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा तेजस्वी पर सवाल न उठाए। कांगेस छेड़ेगी तो आरजेडी उसे नहीं छोड़ेगी।
अब सीधे राहुल से बात करेंगे तेजस्वी
बताया जाता है कि गाेहिल के बयान से तेजस्वी की नाराजगी के बाद शुक्रवार को प्रियंका गांधी ने हस्तक्षेप कर बीच का रास्ता अपनाने का निर्देश दिया। इसके बाद राहुल गांधी व तेजस्वी यादव की बातचीत में मामला सुलझता दिखा। महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तो अभी भी जारी है, लेकिन सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो चुका है। विदित हो कि बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन में सीटों को लेकर ऐसे ही हालात थे। उस वक्त भी तेजस्वी ने राहुल से बातचीत कर अंतिम समय में समस्या का हल निकाला था।
नरम पड़ी कांग्रेस, अब मामला सुलझने की उम्मीद-
राहुल व तेजस्वी की बातचीत व सीटों के फॉर्मूले को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। इसपर कांग्रेस के बयानों में भी नरमी आ गई है। कल तक आग उगल रहे शक्ति सिंह गाेहिल अब कह रहे हैं कि जल्दी ही सारे मामले सुलझ जाएंगे। कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने भी कहा है कि गठबंधन बना रहेगा। दो दिनों में सबकुछ साफ हो जाएगा। उधर, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने तंज कसा है कि महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी के बूते की बात नहीं है।