
बरेली। जहां एक ओर योगी सरकार गरीब और होनहार बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर सिस्टम की लापरवाही इन योजनाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
मामला विकास भवन से जुड़ा हुआ है, छात्रवृत्ति वितरण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि एमएड प्रथम वर्ष की एक छात्रा को छात्रवृत्ति का लाभ मिल गया, लेकिन जब वही छात्रा दूसरे वर्ष में पहुंची तो उसे इस योजना से वंचित कर दिया गया।
अब सवाल यह उठता है कि क्या सिस्टम में पारदर्शिता की कमी है या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
होनहार और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति किसी सहारे से कम नहीं होती, लेकिन ऐसी लापरवाही उनके भविष्य पर सवाल खड़ा कर रही है।

फिलहाल छात्रा और उसके परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है।
अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या पीड़ित छात्रा को उसका हक मिल पाता है या नहीं।