एलपीजी संकट के बीच काला बाजारी का खुलासा , दुकान पर बेचे जा रहे थे घरेलू सिलेंडर

बरेली। जिले में एलपीजी सिलिंडरों की कमी के बीच कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मीरगंज तहसील क्षेत्र में आपूर्ति विभाग की टीम ने पुलिस के साथ कार्रवाई करते हुए एक दुकान से 15 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए हैं। आरोप है कि दुकानदार अवैध तरीके से सिलिंडरों की बिक्री कर रहा था। अधिकारियों ने सभी सिलिंडर जब्त कर एजेंसी के सुपुर्द कर दिए हैं और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मीरगंज क्षेत्र के गांव नौसना में घरेलू गैस सिलिंडरों की अवैध बिक्री की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की टीम और मीरगंज पुलिस ने विगत दिवस गांव में छापेमारी की।

टीम ने गांव में स्थित नाजिर नामक व्यक्ति की दुकान पर जांच की, जहां से 15 गैस सिलिंडर बरामद हुए।

छापेमारी के दौरान बरामद सिलिंडरों में 14 भरे हुए और एक खाली पाया गया। जांच के दौरान दुकानदार सिलिंडरों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद अधिकारियों ने सभी सिलिंडर जब्त कर लिए और उन्हें मीरगंज स्थित जय माता दी गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया।

आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

होटल और रेस्टोरेंट को व्यावसायिक सिलिंडर आपूर्ति पर रोक इधर, जिले में एलपीजी आपूर्ति को लेकर नए निर्देश भी जारी किए गए हैं। पेट्रोलियम कंपनियों ने सभी गैस एजेंसियों और जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया है कि फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति रोक दी जाए। हालांकि विशेष परिस्थितियों में एजेंसी द्वारा मांग भेजने पर ही उन्हें सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

अधिकारियों के मुताबिक पुलिस, सेना, अस्पताल और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाओं को गैस की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी।

हाल ही में बढ़ी एलपीजी सिलिंडर की कीमत
गौरतलब है कि पेट्रोलियम कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम में 60 रुपये और व्यावसायिक सिलिंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके साथ ही गैस बुकिंग को लेकर 25 दिन का नियम भी लागू किया गया है।

नए नियम के तहत अब एक घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग के बाद अगली रिफिल के लिए 25 दिन का इंतजार करना होगा।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इन नए नियमों और कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ सकता है।

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पं.सत्यम शर्मा

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