
बरेली। सीएम डैशबोर्ड पर बरेली मंडल के अन्य जिलों की अपेक्षा बरेली जिले की स्थिति अधिक खराब है। जिले को अधिकांश कार्यक्रमों में डी-ग्रेड ही मिला है। ऐसे में डीएम और सीडीओ को सुधार करने के निर्देश मिले हैं।
यही नहीं, मंडल में स्वास्थ्य विभाग के 43 डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों की खोज शुरू हो गई है। यदि ये लोग सेवा पर नहीं लौटते हैं तो इनको सेवामुक्त किया जाएगा। ये निर्णय बृहस्पतिवार को हुई मंडलीय बैठक में लिए गए।
विकास भवन के सभागार में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम-सीडीओ से कहा कि पता चला है कि शिकायतकर्ता को निस्तारण की कॉपी नहीं दी जा रही है, जो उचित नहीं है।
मंडलायुक्त ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में पैरामीटरों पर चर्चा की। इस दौरान सामने आया कि शाहजहांपुर के 25, बदायूं के 16, बरेली के 14 और पीलीभीत के आठ सीएचसी का निरीक्षण कराया गया, जहां कमियां मिली हैं। कई सीएचसी की फायर आदि की अनापत्ति भी लंबित है।
बरेली में 20, बदायूं व पीलीभीत में नौ-नौ और शाहजहांपुर के पांच डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित चलने को लेकर भी कहा कि इन डॉक्टरों से संपर्क करें। यदि नहीं आते हैं तो सेवा से मुक्त करने की कार्रवाई कर शासन को रिक्त पदों की सूचना भेजें।
मंडलायुक्त ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को बैनामों की जांच कराने के निर्देश दिए। कृषि विभाग, परिवहन विभाग की वसूली, बिजली निगम, नगर निकायों के राजस्व संबंधी मामलों की समीक्षा हुई। मंडलायुक्त ने रियल टाइम खतौनी, चकबंदी, ई-ऑफिस, रेरा की वसूली प्रमाण पत्र से संबंधित राजस्व की वसूली की भी समीक्षा की।