आज बागेश्वर के दिव्य दरबार में होगा विशाल जन सैलाब, लगेंगी भूत-प्रेत मुक्ति की अर्जियां।
KNLS, राज शर्मा, (कटारे) ब्यूरो
शिवपुरी। नर्सरी ग्राउंड में चल रही भव्य श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस पर श्रीबागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने मन की इच्छाओं पर नियंत्रण का दिव्य संदेश दिया।
महाराजश्री ने कहा—

“भिक्षावृत्ति का पात्र भर सकता है, पर मन की इच्छाओं का पात्र कभी नहीं भरता… जिसने इस पात्र को भर लिया, उसने जीवन को समझ लिया।”

हजारों की भीड़ में गूंजे इस संदेश ने श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया और सम्पूर्ण पंडाल भक्ति में डूब गया।
श्रीकृष्ण–रूकमणी विवाह का दिव्य आयोजन
कथा यजमान ऊषा–रामप्रकाश गुप्ता, शिल्पी–कपिल गुप्ता (कपिल मोटर्स) परिवार ने साधु-संतों के सानिध्य में श्रीमद भागवत पूजन किया।
गोपियों के विरह, गोवर्धन पूजा और श्रीकृष्ण–रूकमणी मंगल विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा।
हनुमान मंदिरों में महाराजश्री का दण्डवत प्रणाम

शिवपुरी प्रथम आगमन पर पं. शास्त्री ने शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए—

झांसी रोड श्रीखेड़ापति हनुमान मंदिर
एबी रोड स्थित श्रीतुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर
प्राचीन सिद्ध स्थल श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर
स्वप्न में संकेत मिलने के बाद श्रीबांकड़े हनुमान मंदिर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र बना रहा।
यजमान कपिल मोटर्स परिवार के निवास पर भव्य स्वागत
यजमान परिवार के निवास पर “मेरे सरकार आए हैं” भजन के साथ महाराजश्री का दिव्य स्वागत किया गया।
बड़ी संख्या में भक्त और पुलिस प्रशासन सुरक्षा के साथ मौजूद रहा।
आज दोपहर 12 से 2 बजे—दिव्य दरबार
आज आयोजित दिव्य दरबार में प्रेत बाधा, तंत्र–मंत्र, व टोना–टोटका से मुक्ति हेतु विशेष मंत्रोच्चारण किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि लाल कपड़े में लिपटा नारियल लेकर आएं।
इसके पश्चात कथा का विश्राम दिवस रहेगा।
जानकी सेना का 1100 सदस्यों के साथ सुंदरकाण्ड पाठ
अखिल भारतीय जानकी सेना संगठन द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत व महासचिव नरेशप्रताप सिंह बॉबीराजा के नेतृत्व में 1100 सदस्यों ने संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ किया, जिससे वातावरण पूर्णत: भक्तिरस में रंग गया।
शिवपुरी में सनातन की नई परंपरा का इतिहास
कथा स्थल पर उमड़ती लाखों की श्रद्धा और बढ़ती भक्ति ऊर्जा यह प्रमाणित कर रही है कि शिवपुरी आज सनातन, संस्कृति और अध्यात्म के नए अध्याय का साक्षी बन रहा है।