साइबर फ्रॉड आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर किया संवाद

एटा-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा एवं अपर पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा पुलिस लाइंस में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों से पुलिस व्यवहार, बीट आरक्षी के कर्तव्य, बीट सूचना, साइबर फ्रॉड आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर किया संवाद, साथ ही पुलिस के विभिन्न पहलुओं व पुलिस के विभिन्न संगठनों की संरचनात्मक जानकारी दी गई।

दिनांक 23.08.2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा श्री श्याम नारायण सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री राजकुमार सिंह द्वारा पुलिस लाइंस में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों से पुलिस व्यवहार, बीट आरक्षी के कर्तव्य, बीट सूचना, साइबर फ्रॉड आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। मुख्य रूप से पुलिस के विभिन्न संगठन केंद्रीय पुलिस संगठन, प्रांतीय संगठन आदि की संरचनात्मक जानकारी दी गई। उन्हें पुलिस सेवा की व्यवहारिक चुनौतियों और कार्यशैली से अवगत कराया गया। रिक्रूट आरक्षियों को प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशिक्षु आरक्षियों को तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस, देश के सबसे बड़े पुलिस बलों में से एक है। यहां पर साइबर अपराध नियंत्रण, महिला व बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, भीड़ प्रबंधन एवं नारी सम्मान व मिशन शक्ति अभियानों में सक्रिय सहभागिता के बारे में जानकारी दी गई। एसएसपी एटा ने बताया कि पुलिसकर्मी का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। लंबे ड्यूटी घंटे, आपात स्थितियां, उच्च दबाव आदि का सामना करने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और भावनात्मक नियंत्रण आवश्यक है।
अपर पुलिस अधीक्षक एटा श्री राजकुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समय को अपने भविष्य की नींव बताते हुए कहा कि यह समय शारीरिक, मानसिक और नैतिक प्रशिक्षण का है, जो उनकी संपूर्ण सेवा में मार्गदर्शक रहेगा। उन्होंने रिक्रूट्स को समय की पाबंदी, अनुशासन, व्यवहार में शालीनता, तथा फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। आरक्षियों को बदलते समाज के हिसाब से नवीन तकनीक व नए नियम कानून विशेष अधिनियम व शस्त्रों के प्रयोग में दक्ष बनाने के लिए बारीकी से प्रशिक्षित करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया। उन्होंने अनुशासन, संवेदनशीलता और जनसंपर्क के मूल मंत्र देते हुए उन्हें कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी बनने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्हें पुलिस सेवा की व्यवहारिक चुनौतियों और कार्यशैली से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी सदर श्री संजय कुमार सिंह,क्षेत्राधिकारी सकीट सुश्री कीर्तिका सिंह द्वारा भी शारीरिक, मानसिक और नैतिक परीक्षण के बारे में बताया। यह उनकी संपूर्ण सेवा में मार्गदर्शक रहेगा। उन्होंने रिक्रूट्स को समय की पाबंदी, अनुशासन, व्यवहार में शालीनता, तथा फिटनेस पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। आरक्षियों को बदलते समाज के हिसाब से नवीन तकनीक व नए नियम कानून विशेष अधिनियम व शस्त्रों के प्रयोग में दक्ष बनाने के लिए बारीकी से प्रशिक्षित करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया गया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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