सुप्रीम कोर्ट ने ED को सख्त हिदायत दी है कि उन्हें कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा,

सुप्रीम कोर्ट ने ED को सख्त हिदायत दी है कि उन्हें कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा, न कि किसी ‘बदमाश’ की तरह. साल 2022 में शीर्ष अदालत ने अपने एक फैसले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की ED की शक्तियों को बरकरार रखा था. इसी फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं.

इस पर सुनवाई के दौरान ED की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि ये याचिकाएं विचार करने योग्य नहीं हैं. उन्होंने दलील दी कि ‘बदमाशों’ के पास बहुत सारे साधन हैं, जबकि जांच अधिकारी के पास उतने साधन नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन याचिकाओं के जरिए जांच में देरी करने की कोशिश की जाती है. सके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में ED से कहा, प बदमाश की तरह काम नहीं कर सकते. आपको कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा.कानून लागू करने और कानून का उल्लंघन करने में अंतर होता है.

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks