जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में पहली बार शुरू हुई इस पहल से समूह की दीदियों को मिला मनोबल

जनपद के 250 स्वयं सहायता समूहों द्वारा विकासभवन, विकासखण्डों में राखी वितरण के लगाए गए स्टॉल

एटा, । जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जिले के समस्त विकासखण्डों एवं विकास भवन प्रांगण में रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए राखी वितरण के स्टॉल लगाए गए। उपायुक्त स्वतः रोजगार प्रभु दयाल ने बताया कि 250 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने गत दो माह से अपने घरों पर रहकर ही रक्षाबंधन हेतु राखियां तैयार की। यह राखियां समूह की समस्त दीदियों ने सामूहिक रूप से तैयार कीं। गत तीन दिन से लगातार विकासभवन एवं समस्त विकासखण्डों यथा शीतलपुर, सकीट, मारहरा, निधौलीकलां, अवागढ़, जलेसर, जैथरा एवं अलीगंज में राखी विक्री हेतु स्टॉल लगाए गए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में ऐसा पहली बार हुआ है कि जिले के विकासखण्डों, विकास भवन प्रांगण में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे न सिर्फ जनपद में समूह की दीदियों की आय में बढ़ोत्तरी हुई, वल्कि समूह की दीदियां के लिए आगामी समय के लिए भी इस दिशा में यह कार्य सराहनीय पहल होना बताया गया। प्रदेश में एटा जनपद पहला जनपद था जहां 250 से अधिक समूहों द्वारा स्टॉल लगाकर राखी की विक्री की गई। इन स्थानों पर लगाए गए स्टॉलों से भारी संख्या में स्थानीय लोगों, जनसामान्य द्वारा राखियां खरीदी र्गइं।

उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि समूह के द्वारा राखियां बेचने से लखपति दीदियों में वृद्धि हुई, जो कि अब 300 हो गई है। पहले जिले में 250 लखपति दीदियां थीं, इस बार राखी स्टालों से बिक्री होने से भारी मात्रा में समूह की आय में वृद्धि हुई है। यह संभावना है कि लगभग 2 लाख से अधिक धनराशि की राखियां समूह के माध्यम से विक्री की गई हैं। जो सामान्य बाजार से राखियां सस्ती थीं, इससे न केवल समूह के परिवारों में खुशहाली आई, वल्कि जनसामान्य को भी सस्ते मूल्य पर राखी प्राप्त हुई। विकासखण्डों में शीतलपुर में जो स्टाल लगा था वहां सबसे अधिक राखियों की बिक्री हुई, दूसरे नम्बर पर सकीट ब्लाक ने बाजी मारी। इस कार्य में विकासखण्ड के समस्त बीएमएम एवं डीएमएम का भी सहयोग रहा।

विकासभवन में जो स्टॉल लगा वहां की बिक्री के लिए जिले के समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों से अनुरोध किया था। इस स्थिति में विकासभवन के समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों ने समूह के स्टॉल से राखियां खरीदीं। यहां यह भी अवगत कराना है कि रक्षाबंधन के त्योहार के लिए दो समूह स्टॉल घेवर के भी लगाए गए। जो बहुत सस्ती दरों पर देशी घी के घेवर की विक्री कर रही थीं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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