इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा हिमांशु पाराशर


अलीगढ़

नोट रक्षाबंधन का पर्व हर साल सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है। भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार विशेष ज्योतिषीय योगों के साथ शनिवार को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन पर भद्राकाल का विचार किया जाता है। भद्रा के समय राखी बांधना अशुभमाना गया है लेकिन इस बार सूर्योदय से पूर्व भद्रा समाप्त होने से पूरा दिन राखी का पर्व मनाने के लिए उत्तम माना जा रहा है। इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई शुभ संयोग बन रहे हैं ओर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रक्षा बंधन के दिन बनने वाले कुछ खास संयोग व मुहूर्त में राखी बांधना अति उत्तम होता है। ज्योतिषाचार्य हिमांशु पाराशर ने बताया कि राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त व संयोग शनिवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05 बजकर 47 मिनट से प्रारंभहोगा और दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। यह समय राखी बांधने के लिए उत्तम रहने वाला है। ज्योतिषाचार्य हिमांशु पाराशर ने बताया कि 95 वर्ष बाद रक्षाबंधन पर भद्रा जैसी कोई अशुभ घड़ी नहीं होगी, जिससे बहनें दिन भर राखी बांध सकेंगी। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि, सौभाग्य और शोभन योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बनने से यह पर्व अत्यंत फलदायक और मंगलकारी होगा। 8 और 9 अगस्त को श्रवण नक्षत्र से युक्त पूर्णिमा भी महापुण्यदायिनी मानी जा रही है। पूर्णिमा का प्रभाव 9 अगस्त को दोपहर 1:47 बजे तक रहेगा, इसलिए इस अवधि तक राखी बांधना विशेष लाभकारी रहेगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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