पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने की अर्णव पर हुए हमले की निंदा

पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने की अर्णव पर हुए हमले की निंदा
नई दिल्ली। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने रिपब्लिक भारत चैनल के प्रधान संपादक अर्णव गोस्वामी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार और प्रेस काउन्सिल ऑफ इंडिया से इस मामले में तुरंत कार्यवाही की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार की देर रात वरिष्ठ पत्रकार और ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अर्णव गोस्वामी पर मुंबई में बाइक सवार दो हमलावरों ने हमला कर दिया। वारदात उस समय हुई, जब गोस्वामी रिपब्लिक टीवी के स्टूडियो से घर लौट रहे थे। कार में उनके साथ पत्नी भी बैठी थीं। संयोग से इस हमले में अर्णव और उनकी पत्नी को कोई चोट नहीं आई है। अर्णव की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। आरोप है कि यह हमला कांग्रेस द्वारा भेजे गए कुछ शरारती तत्वों ने किया है।
उधर अर्णव गोस्वामी के खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देश के कई नगरों में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोलकाता में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने इंटाली थाने में मामला दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि अपने रिपब्लिक चैनल पर कार्यक्रम के दौरान अर्णव गोस्वामी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष और सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। उनकी भाषा शैली भी स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा एक खास समुदाय के खिलाफ उन्होंने नफरत का माहौल बनाने की कोशिश की है। इससे समाज में एकजुटता की मूल भावना को ठेस पहुंचेगा।
कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि अर्णव गोस्वामी के खिलाफ बुधवार को ही कोलकाता के फूलबागान थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। चूंकि एक मामले में एक ही प्राथमिकी होती है, इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरुवार को जो लिखित शिकायत की है, उसे भी उसी प्राथमिकी के साथ जोड़ा गया है। वहीं कोलाकाता के अलावा भी कई नगरों में अर्णव के खिलाफ मामले दर्ज कराए जा रहे हैं।
इस मामले में जितेन्द्र बच्चन ने कहा है कि कांग्रेस के गुंडों द्वारा किये गए हमले की पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (पीडब्ल्यूए) निंदा करता है। यह हमला किसी एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि सम्पूर्ण पत्रकार समाज पर है और उनकी आवाज को घोटने व अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का प्रयास है। इस तरह पत्रकारों पर अगर हमले होते रहे तो लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ समाप्त ही हो जाएगा। पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन सरकार से मांग करता है कि पत्रकारों पर हमला होने पर जुर्माना और गैर जमानती सजा का अध्यादेश पारित करना चाहिए।

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