वाह रे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन

गली गली छाता लगा कर घूमते ऊर्जा मंत्री दूसरी तरफ एयरकंडीशन में बैठे मनोरंजन की पाठशाला लेते बड़कऊ
लखनऊ —– एक तरफ ऊर्जा मंत्री अपनी व अपने विभाग की साख बचाने के लिए गली गली भीगते हुए छाता लेकर जनता के बीच घूम रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष अपने आलीशान कार्यालय में बैठकर अपने मनोरंजन की पाठशाला चला रहे हैं एक तरफ ऊर्जा मंत्री अध्यक्ष की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक करते हैं तो दूसरी तरफ अपने बलि के जानवर को निदेशक वित्त को बचाने के लिए बड़का बाबू बार-बार कार्यकाल बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखते हैं क्योंकि इस बलि के जानवर में ही बड़का बाबू की जान अटकी हुई है जैसे जादूगर की जान तोते में वैसी ही कहानी यहां है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष पद पर अवैध रूप से विराजमान महाज्ञानी अनुभवहीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने मनमाने तरीके से निविदाए निकालने का कीर्तिमान स्थापित कर रखा है एक तरफ वर्टिकल की तैयारी है तो दूसरी तरफ कॉल सेंटर को एकीकृत कर दिया गया है अब परेशान होने की बरी फिर से जनता और मंत्री जी की है मौज तो सिर्फ़ बड़का बाबू के सजाती अभियंताओ की होगी जिनको मिलेगी चांदी के जूते से मुंह सुजाने की गारंटी वारंटी और जनता को फेस लेंस सिस्टम में परेशान होने की गारंटी और वारंटी इस बार दिवाली पर मिलेगी जनता को महा ज्ञानी अनुभवहीन बड़का बाबूओ के द्वारा किये जा रहे हजारों करोड़ के घोटाले को कौन खोलेगा जब कहीं सुनवाई नहीं यह हम नहीं प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के कथन हैं यह बड़का बाबू लोग इतने निरंकुश हो गए हैं कि मंत्री तो मंत्री महामहिम राज्यपाल को भी गुमराह कर रहे हैं अब आगे आगे देखिए होता है यह बाजी मंत्री जीते हैं कि बड़का बाबू ? लेकिन पिसेगी जनता । खैर ! *युद्ध अभी शेष है*
अविजित आनन्द संपादक और चन्द्रशेखर सिंह प्रबंध संपादक समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र लखनऊ