वाह रे मध्यांचल विद्युत वितरण निगममध्यांचल विद्युत वितरण नियम में खरबूजे को देख खरबूजे ने बदला रंग


लखनऊ —– मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एक मुख्य अभियंता जो कि महा ज्ञानी अनुभवहीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जो कि अवैध रूप से अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन बन पूरे उत्तर प्रदेश पावर सेक्टर पर राज कर रहे हैं और उनके अपने सजातीय मुख्य अभियंता को मलाईदार पद पर आसीन कर दिया है षो उन्हीं की तरह अपने कार्यालय से बैठ कर सभी अधिषाशी अभियंताओ, अधीक्षण अभियंताओ से मीटिंग विडियो कांफ्रेंसिंग से कर रहे हैं पाठकों को बता दें जब चारों जोन एक में थे तब दस अधीक्षण अभियंता के ऊपर एक मुख्य अभियंता हुआ करता था तब इतनी बैठकें नहीं हुआ करती थी परन्तु आज इन महा ज्ञानियों ने लखनऊ/ लेसा को चार भागों में बांटकर रख दिया है और उसके बाद भी हर समय विडियो कांफ्रेंसिंग होती रहती है क्या पहले के अधिकारी इन से ज्यादा सक्षम थे तो जवाब है जीहां वह अधिकारी इनसे ज्यादा सक्षम व कुशल नेतृत्व व प्रबंधन करने वाले थे आज तो यह अधिकारी अपने स्वार्थ के लिए अवैध रूप से नियुक्त बड़का बाबूओ के आगे दुम हिलाते नहीं थकते सिर्फ इस लिए अपने सजातीय अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन के गुड बुक मे आ जाए और उनकी निदेशक बनने की चाह पूरी हो सके तो वही दूसरी तरफ जब एक ही जोन था तब दस अधीक्षण अभियंता को एक अकेले मुख्य अभियंता इससे कम संसाधनों में भी कुशलता से संचालित कर लेते थे उनके बनाए गए नक्शे आज भी विभागीय आफिसों में लगे है और मार्गदर्शन कर रहे हैं और दूसरी तरफ यह मुख्य अभियंता सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर गाल बजाते व अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर चिल्लाते और रौब गालिब करते नजर आते हैं ऐसा लगता ही नहीं कि यह मुख्य अभियंता है यह तो बड़का बाबुओं के प्रिय बनने के लिए कुछ भी कर गुजरने को हर समय तैयार दिखाई देते हैं अगर ऐसी तत्परता यह जनता के प्रति रखते तो इनको यूं दुम हिलाने की जरूरत नहीं पड़ती और इस रोज रोज होने वाली विडियो कांफ्रेंसिंग से अच्छा तो एक एक दिन सभी सर्किलों में जाकर बैठ कर समोसे जो इनको बहुत प्रिय है खाते और वही समोसा खाते खाते बैठक भी कर लेते इस तरह से इनका थोड़ा घूमना हो जाता और कर्मचारियों और उपभोक्ताओ से रुबरु होते और उनकी समस्या समझते उनका हौसला बढ़ाते परन्तु मुख्य अभियंता तो मुख्य अभियंता है इनके द्वारा सिर्फ अपने मातहतो का शोषण किया जाता रहा है और छोटी सी भी गलती पर जमकर उगाही या फिर उन्हें निलंबित और बर्खास्त करने की कार्यवाही किया जा रहा है जिससे इनकी अटैची चांदी के जूते से भर सके और यह उसका उपयोग कर अवैध रूप से पावर कारपोरेशन के बने अध्यक्ष की सेवा करके उनको खुश रख सके । खैर *युद्ध अभी शेष है*

अविजित आनन्द संपादक और चन्द्रशेखर सिंह प्रबंध संपादक समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र लखनऊ

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks