
एटा- खाकी पर आरोप अवैध वसूली और हत्या का लगा है, जिसमें प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज हो चुकी है,
तथा मजिस्ट्रेट जांच चल रही है, ऐसे में कुछ नुमाइंदे चाटुकारिता की हदें लांघ चुके हैं, जो मजिस्ट्रेट जांच एवं एफआईआर आईओ के परिणाम को दरकिनार कर खुद क्लीन चिट मुल्जिमान को दे दिए हैं,उन का बस चले तो प्रमाण पत्र भी मोहिया करा दें,फुटेज की मंशा स्वरूप चला खेल आखिर किस ने मोहिया कराया,
फुटेज के पीछे कौन
सिक्के की खनक पर थिरकी मारने वाले तलवे चाटकर चाटुकारिता को मिशन मानने वाले तथाकथित को कौन फुटेज दिया, इसके पीछे कौन है, जो मजिस्ट्रेट जांच से पहले खाकी के दामन पर लगे दाग को धुलवा देना चहाता है, अवैध वसूली के आरोप में खाकी को रंगे हाथों पकड़े जाने के कई मामले सामने आए और विजलेंस ने उन्ही के थाने में एफआईआर दर्ज करा कर अदालत में पेश किया है, चाटुकारिता का बस चले तो प्रमाण पत्र देकर विजलेंस के द्वारा पकड़े गए आरोपी को बेगुनाह साबित कर देंगे, यहां भी अवैध वसूली और हत्या का आरोपियों को बेगुनाह साबित कर दिया गया है, सबसे पहले आप को बताते चलें आईओ इमान के पक्के रहे तो मुल्जिमान के दिए सबूतों में से ही निशान निकाल लेंगे,अव भोले भाले जाति के साथ छलावा अच्छी बात नहीं है,जिस जाति ने आईओ पुलिस होने पर सवाल खड़े नहीं किए तो मुल्जिमान को क्लीन चिट चाटुकारिता का वीडियो जो फुटेज के रूप में वायरल बता कर पेश किया जा रहा है, तो जनता जनार्दन को जान की आवश्यकता है, वायरल आखिर किस ने कराया है, कौन दोषी है, थाने के सीसीटीवी फुटेज आखिर निकला कैसे बहार जो मजिस्ट्रेट जांच एवं आईओ की जांच का पार्ट था वो महत्वपूर्ण भूमिका निभाता या नहीं वो जांच का पहलू था, आखिर कार चाटुकारिता तलवे चाटकर की जा रही है जो साफ संदेश दे रही है,
सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन
सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार तीन युवक थाने में आते दिख रहे हैं, जो पुलिस के पास पहुंचे और बात चीत के अंश को खा जाते हैं, फिर जब वापस जा रहे युवक में बाइक सवार दो युवक जाते दिखे और गाड़ी में एडवोकेट जाते दिखे उस में भी युवक नहीं बैठा आखिर एक युवक कहा गया,
पुलिस अपने ही निशान छोड़ रही है
खाकी और खादी आमने-सामने आ गए हैं, सत्ता धारी ने बगावत के शुर क्या पकड़े वो थर थर कांपे आखिर क्यों डर है आपके अंदर दामन पाक है तो मामला साफ है, डर तो साहब मजिस्ट्रेट जांच लग रहा था, अपने सहपाठी से तो क्लीन चिट ले ही लेते लेकिन सत्ताधारी वाहुवली के नाम से जाने वाले लोकप्रिय नेता ने जब मजिस्ट्रेट जांच भी छाती पर लाद दी तब मृग मरीचिका के चाटुकारिता नुमाइंदे के अलावा कुछ नहीं दिखा और सोच लिया क्लीन चिट जब तथाकथित चैनल ने दे दी तो मुल्जिमान को मजिस्ट्रेट भी दे देंगे और सत्ताधारी दल के नेता का दिल भी पसीज जाएगा, और मजिस्ट्रेट को माइलेज कर लेंगे,
गरीब की हाय खा जाती साहब
भगवान को मानने वाले लोगों के मुंह से एक बात का प्रचलन है कि गरीब की हाय मत लेना गरीब की हाय से बड़े से बड़े पहाड़ भी चकनाचूर हो गए हैं तो हम और आप क्या चीज है, गरीब ने अपनी लाठी खोही है साहब, बुढ़ापे में बेटा ही लाठी का काम करता है, स्कूल के रजिस्टर में दर्ज आयु सीमा तय कर रही है कि एक नो जवान हम से जल्लादों ने छीन लिया है, जल्लादों की तलवे चाटकर चाटुकारिता करने वाले नुमाइंदे तुम्हें गरीब की हाय एक दिन ठिकाने जरुर लगा देगी,
अगर सीसीटीवी फुटेज को महत्व तो चाटुकार कैसे सम्भव दो पहलू
अगर सीसीटीवी कैमरे की रिकोडिंग सत्य या झूठ का सबूत है Etah Police तो मेरे पास पिलुआ लूट के मुल्जिम, जिस घटना का ख़ुलासा आप 24 घंटे में करने का गुरुर करते हो, के घर से गिरफ्तारी के सीसीटीवी फुटेज है, जबकी पिलुआ पुलिस ने नहर से लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार करना बताया है, कहो कि आरोपी निर्दोष हैं .
nidhauli_hatyaa_kaand
UP Police
Ssp Etah