एटा बिग ब्रेकिंग

मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का अंबार – पोस्टमार्टम गेट पर रास्ता बंद, नंगे बिजली के तार बने मौत का जाल
एटा।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज में बदइंतजामी की तस्वीरें अब जानलेवा मोड़ पर पहुंच चुकी हैं।
पोस्टमार्टम गेट के पास पिछले 10 दिनों से गिरा पड़ा नीम का विशाल पेड़, न केवल आने-जाने का रास्ता बंद कर रहा है, बल्कि अब मरीजों और आम नागरिकों के लिए सीधा जान का खतरा बन गया है।
शव वाहन और मरीजों का रास्ता बंद – इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित
पोस्टमार्टम के लिए शव लाने-ले जाने वाले वाहन हों या आपातकाल में मरीजों के लिए रास्ता –
गिरे हुए पेड़ के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है।
मरीजों को लेकर आ रहे तीमारदारों को जान जोखिम में डालकर पेड़ लांघना पड़ रहा है।
नंगे बिजली के तारों का खुला जाल – मौत का सीधा आमंत्रण
मेडिकल कॉलेज परिसर में बिजली के खंभों से सीधे खड़े पेड़ों पर बांधे गए खुले नंगे तार, बरसात में करंट के ज़रिए किसी भी पल ले सकते हैं जान।
ये तार न तो इंसुलेटेड हैं, न ही किसी सुरक्षा मानक का पालन किया गया – किसी भी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा।
प्रशासनिक पंगुता – एक-दूसरे पर टालते रहे जिम्मेदारी
जब इस गंभीर स्थिति की जानकारी वन विभाग के डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर संदेशना जी को दी गई, तो उन्होंने बड़ी बेरुखी से कहा –
“वन विभाग सिर्फ मूल्यांकन करता है, पेड़ कटवाना मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है।”
वहीं सीएमएस डॉ. चंद्रा का कहना है –
“हमने कई पत्र भेजे, लेकिन वन विभाग से कोई जवाब नहीं आया।”
ऐसे में सवाल उठता है – जब जान पर बन आए, तो कौन जवाबदेह होगा?
अब सवाल सीधा और स्पष्ट है…
ये गिरे पेड़ को हटाने में इतनी देरी क्यों?
बिजली के जानलेवा नंगे तार अब तक क्यों नहीं हटे?
क्या मेडिकल कॉलेज प्रशासन किसी हादसे के बाद ही जागेगा?
क्या विभागीय ठीकरा आम जनता की जान से बड़ा हो गया है?
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ रजनी पटेल से बात करने के लिए कई बार फोन किए गए परंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया