पद्मश्री के लिए 10वीं बार नामांकित हुए डॉ. रघुनंदन18 वर्षों से जेल सुधारो में है सक्रिय


एटा – कासगंज जेल से की थी शुरुआत
दर्जनों बार मिल चुके हैं अवार्ड
राष्ट्रपति भी कर चुकी है सम्मानित

एटा 28 जुलाई। कारागार सुधारो के क्षेत्र में पिछले 18 वर्षों से उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता है डॉ. प्रदीप रघुनंदन को उनके कारागार सुधार अभियानों के लिए दसवीं बार भारत सरकार की ओर से प्रदान किए जाने वाले नागरिक सम्मान पद्मश्री के लिए नामांकित किया गया है। भारत सरकार प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से अलंकृत करती है जिसकी घोषणा 25 जनवरी को की जाती है। वर्ष 2006 से जनपद कारागार एटा से अपने जेल सुधार अभियान की शुरुआत करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रदीप रघुनंदन दसवीं बार इस सम्मान के लिए नॉमिनेट हुए हैं।
अपने कारागार सुधार अभियान के तहत डॉ रघुनंदन ने सबसे पहले वर्ष 2008 में कारगर एटा में निरुद्ध बंदियों की शिक्षा के लिए जेल विद्यालय की शुरुआत की। उनके इस अनूठे अभियान को राज्य सरकार ने प्रोत्साहित करते हुए इसे अडॉप्ट कर पूरे प्रदेश के कारागारों में है लागू किया। योग शिविरों एवं खेल कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ.रघुनंदन ने कारागार में निरुद्ध बंदियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से परिवर्तित कर उन्हें रचनात्मक दिशा दी। उनके रचनात्मक लेखन अभियान से प्रोत्साहित होकर बंदियों ने कविता, कहानी, गीत, गजल एवं निबंध के क्षेत्र में उल्लेखनीय लेखन कार्य किया। बंदियों के काव्य संग्रह एवं निबंध संग्रह प्रकाशित हुए जिनका विमोचन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी एवं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कर कमल से किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ रघुनंदन ने वर्ष 2018 में जनपद कारागार मैनपुरी से जेल रेडियो की शुरुआत की जिसका उद्देश्य बंदियोंका स्वास्थ्य एवं सकारात्मक का मनोरंजन था। आज उत्तर प्रदेश के 25 कारागारों में जेल रेडियो न सिर्फ बंधिया का स्वास्थ्य मनोरंजन कर रहा है बल्कि उन्हें ज्ञान और विज्ञान की विभिन्न जानकारियां उपलब्ध करा रहा है।
डॉ प्रदीप रघुनंदन को दर्जनों बार राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर विभिन्न सामानों से अलंकृत किया गया है, 26 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश जेल के महानिदेशक आनंद कुमार ने उनकी विशेष कारागार सेवाओं को दृष्टिगत रखते हुए हुए उन्हें विशिष्ट सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश की सभी जिलों में सुधारात्मक अभियान चलाने के लिए अधिकृत किया। कॉविड-19 के कारण जब कारागारों में बंधिया की मुलाकात बंद कर दी गई तो सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रघुनंदन ने हाई कोर्ट इलाहाबाद में जनहित याचिका दायर कर बंधिया की पुनःमुलाकात शुरू कराए जाने का मार्ग प्रशस्त किया। जनपद कारागार एटा में दुनिया की सबसे बड़ी जेल लाइब्रेरी बनाने का उनका लक्ष्य है जिसे वह वर्ष 2027 तक को प्राप्त करना चाहते हैं।
डॉ प्रदीप रघुनंदन को 10वीं बार भारत सरकार के नागरिक सम्मान पद्मश्री के लिए नामांकित किए जाने पर सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड, मारहरा विधायक वीरेंद्र वर्मा, ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता अमित स्वरूप, वरिष्ठ अधिवक्ता महेश चंद्र शर्मा लोकेंद्र मिश्रा बार एटा के पूर्व सचिव गिरीश चंद्र शर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा रोहित पुंडीर एडवोकेट, पूर्व पालिका अध्यक्ष राकेश गांधी, सामाजिक कार्यकर्ता मेधावृत्त शास्त्री, गुरुकुल एटा के प्राचार्य डॉक्टर वागीश शास्त्री, पूर्व विधायक शीशपाल सिंह, पूर्व सांसद हरनाथ सिंह सहित तमाम जनप्रतिनिधियों, गढ़मान्य नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks