
जजों को उनके पद से हटाना आसान नहीं होता!
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए अब जो तीन सदस्यीय कमेटी बनेगी, लोकसभा स्पीकर और राज्य सभा के उपसभापति ( धनखड़ के इस्तीफे के बाद सभापति का पद खाली हो गया है ) की सहमति से बनेगी। क्योंकि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव दोनों सदनों ने स्वीकार किया है।
- इस कमेटी में CJI या सुप्रीम कोर्ट के एक जज, एक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक कोई न्यायविद शामिल होंगे! अगले हफ्ते कमेटी के गठन होने की उम्मीद है।
- इस बीच सुप्रीम कोर्ट में इन हाउस कमेटी की रिपोर्ट को चुनौती देने वाली जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर सुनवाई भी अगले हफ्ते होने वाली है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली बेंच सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट की ये सुनवाई बहुत महत्वपूर्ण रहने वाली है। जस्टिस वर्मा के पक्ष में खड़े होंगे सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी, सिद्धार्थ लूथरा .. और भी कुछ नाम शामिल हो सकते हैं!