कुंभ ड्यूटी के बाद 161 पुलिसकर्मियों का रहस्यमय ढंग से गायब होना: एक गंभीर चिंता।

नई दिल्ली।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक और इंटरनेशनल मीडिया आर्मी के मुख्य संयोजक, एके बिंदुसार ने कुंभ मेले की ड्यूटी के बाद 161 पुलिसकर्मियों के रहस्यमय ढंग से गायब होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, यह सवाल उठाते हुए कि आखिर यह चौंकाने वाला रहस्य अब तक अनसुलझा क्यों है।
बिंदुसार ने हिंदुस्तान में इस घटना को “बड़ा ही चिंता का विषय” बताया है। उनका तर्क है कि यदि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले स्वयं गायब हो रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में धार्मिक आयोजनों में आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यह सिर्फ 161 पुलिसकर्मियों का मामला नहीं हो सकता, बल्कि “लाखों लोग भी गायब” हो सकते हैं।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
सुरक्षा पर सवालिया निशान: जब पुलिसकर्मी ही लापता हो रहे हैं, तो जनता का सुरक्षा पर से विश्वास उठना स्वाभाविक है। यह किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम, खासकर धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
जांच में देरी और पारदर्शिता की कमी: 161 पुलिसकर्मियों का मोबाइल बंद होना और उनका कोई सुराग न मिलना, यह दर्शाता है कि इस मामले में तत्काल और प्रभावी जांच की आवश्यकता है। अब तक यह रहस्य क्यों बना हुआ है, यह पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है।
संभावित बड़े खतरे की आशंका: एके बिंदुसार की यह आशंका कि लाखों लोग भी गायब हो सकते हैं, भले ही अभी इसकी पुष्टि न हुई हो, एक संभावित बड़े खतरे की ओर इशारा करती है। यह प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
इस मामले की तत्काल और गहन जांच बेहद ज़रूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह न केवल लापता पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगा, बल्कि आम जनता के मन में सुरक्षा को लेकर उपजे डर को भी कम करने में मदद करेगा।