नवादा (पटियाली तहसील) का हक़ छीनने की साजिश को रोकना होगा!

मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल विद्यालय को हर हाल में बचाना है!

प्रिय साथियों,

मैं एक गंभीर और अत्यंत जरूरी मुद्दे को आपके समक्ष रखना चाहता हूं।

पटियाली तहसील के गांव नवादा में प्रस्तावित “मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल विद्यालय”, जिसकी लागत लगभग ₹23 करोड़ है, उसे बगैर किसी उचित कारणों से बड़ागांव (सहावर तहसील) शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है।

इस प्रस्तावित स्कूल को रोकने के लिए मैंने निम्नलिखित कदम उठाए:

  1. दिनांक 09 जून 2025 को स्कूल के स्थानांतरण को रोकने के लिए एसडीएम पटियाली को ज्ञापन दिया।
  2. जिलाधिकारी कासगंज को ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखा जिसमें स्कूल के स्थानांतरण को रोकने की बात लिखी।
  3. लखनऊ में शिक्षा महानिदेशक श्रीमती कंचन वर्मा जी को ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखा जिसमें स्कूल को नवादा में ही बनाने के लिए प्रार्थना की गई और इस स्कूल के स्थानांतरण को रोकने के लिए आग्रह किया।

4.बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह जी को ईमेल के माध्यम से एक पत्र लिखा जिसमें स्कूल के नवादा से बड़ागांव स्थानांतरण पर रोक लगाने के लिए आग्रह किया।

  1. दिनांक 09 जून 2025 को बेसिक शिक्षा अधिकारी कासगंज के दफ्तर में एक आरटीआई दाखिल की जिसमें मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल विद्यालय से संबंधित सभी प्रमाणित दस्तावेज देने के लिए लिखा।
  2. दिनांक 18 जुलाई 2025 को मैंने इस स्कूल से संबंधित कासगंज जिलाधिकारी कार्यालय में एक आरटीआई दाखिल की।
  3. दिनांक 19 जुलाई 2025 को मैंने चार अलग-अलग आरटीआई निम्नलिखित विभागों में दाखिल की:

A. महानिदेशक, बेसिक शिक्षा विभाग, लखनऊ
बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह जी, लोक भवन लखनऊ।

B. यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, विभूतिखंड लखनऊ।

C. उपरोक्त संस्था का एटा स्थित अरुणा नगर कार्यालय।

इन सभी ऊपर दी गई आरटीआई में मैंने यह पूछा है कि:

  1. इस विद्यालय को नवादा से शिफ्ट करने का कारण क्या है?
  2. नवादा गांव के चयन को पहले क्यों स्वीकृति मिली थी?
  3. इस प्रस्तावित स्कूल से संबंधित सभी फाइलों, पत्राचारों और सर्वे की प्रमाणित प्रतियां मुझे प्रदान की जाएं।

⚖️ मेरा अगला कदम:
मैं इन सभी सरकारी दस्तावेज़ों को एकत्र कर माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करूँगा, ताकि इस गलत निर्णय को कानूनी रूप से चुनौती दी जा सके।

यह सिर्फ एक स्कूल का मामला नहीं है — यह हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है!

नवादा गांव वह स्थान है जिसे पहले ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने उपयुक्त पाया था।

सभी भौगोलिक और सामाजिक मापदंडों पर नवादा सही है।

बड़ागांव को अचानक क्यों और कैसे प्राथमिकता दी जा रही है — यह संदिग्ध है!

आप सभी से अपील:

आइए इस विद्यालय को बचाने की लड़ाई में एकजुट हों।
अपनी आवाज़ बुलंद करें — क्योंकि यह सिर्फ एक ईमारत नहीं, हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है।
आप भी अपने स्तर पर डीएम कार्यालय, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखें।
इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं।

जनता की एकजुटता ही प्रशासनिक अन्याय का जवाब है।

नवादा के लिए प्रस्तावित स्कूल नवादा में ही बने।

आपका अपना,
अब्दुल हफीज गांधी
एडवोकेट एवं समाजसेवी
मोबाइल: 7007305274

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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