
उत्तराखंड की डोईवाला चीनी मिल के अधिशासी निदेशक वरिष्ठ पीसीएस अफ़सर दिनेश प्रताप सिंह के बरेली और सीतापुर ठिकानों पर ED ने छापेमारी की है
उनके खिलाफ नेशनल हाइवे भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच चल रही है
इन पर वर्ष 2011 से 2016 के बीच कृषि भूमि को गैर कृषि दिखाकर मुआवजे के रूप में 240 करोड रुपए से अधिक का हेरफेर का आरोप है
नवंबर 2017 में एसआईटी ने PCS दिनेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और वह 15 माह बाद हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए थे
इनकी पत्नी अलका सिंह कांग्रेस के टिकट पर बरेली चैनपुर सीट से विधायकी का चुनाव लड़ चुकी है
जबकि वह पहले बीजेपी में भी रही थी वही से टिकट चाहती थी,
टिकट नही मिलने पर कांग्रेस का दावन पकड़ा था