
इटावा : खबर में आया नया मोड़
नाम बदलकर बना ‘ब्राह्मण व्यास’, असली पहचान निकली यादव — दान्दरपुर कथा विवाद में बड़ा खुलासा!
दान्दरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान हुए विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है। कथावाचक ने अपनी असली पहचान छिपाकर ‘मुकुट मणि अग्निहोत्री’ नाम से कथा शुरू की थी, जबकि उनकी असली पहचान मुकुट मणि यादव के रूप में सामने आई है।
जिसका आधार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है हालांकि आधार की पुष्टि नहीं करता
? पहचान छुपाने से भड़का विवाद:
कथावाचक ने आयोजन के समय खुद को ब्राह्मण वर्ग का ‘व्यास’ बताया और ‘अग्निहोत्री’ उपनाम का इस्तेमाल किया।
बाद में आधार कार्ड से खुलासा हुआ कि वह यादव जाति से हैं, जिससे ग्रामीणों ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया।
इसी बात पर विवाद भड़का और कथावाचक के साथ बदसलूकी हुई।
⚠️ धोखाधड़ी का आरोप:
आयोजन के आयोजकों को भी कथावाचक की असली पहचान की जानकारी नहीं थी।
गांव वालों का कहना है कि कथा धर्म से जुड़ा विषय है, और पहचान छिपाकर धर्म कार्य करना सीधा विश्वासघात है।
? प्रशासन सख्त:
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब जांच का दायरा कथावाचक की पहचान और उनके दस्तावेजों की सत्यता तक पहुंच चुका है।
धोखाधड़ी की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।
? यह मामला अब सिर्फ अभद्रता या मारपीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक आयोजन में पहचान छिपाकर शामिल होने के गंभीर आरोप में बदल चुका है।
पुलिस जांच जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।