
सपा सांसद का एटा के ग्राम सिरसाबदन का दौरा एवं उनका वक्तत्व पूर्णतःसमाज में विघटन करा के अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास – अरुण दीक्षित। एटा 20 जून भगवान परशुराम सेवा संस्थान द्वारा संचालित सामाजिक संगठन सामाजिक चेतनामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण दीक्षित ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि,समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन का विगत दिवस एटा जनपद के ग्राम सिरसाबदन में किया गया दौरा,और उसमें दिया गया वक्तत्व पूर्णतः समाज में विघटन उत्पन्न कर राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास है,न कि दलित भाइयों को किसी प्रकार का लाभ प्रदान करने का ,समाजवादी पार्टी एक एजेंडा के अंतर्गत समाज में विघटन उत्पन्न कर दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने का अथक प्रयास कर रही है,जो कभी पूरा नहीं होगा, क्यों कि दलित भाई ये भली भांति जानते हैं, कि,ये वही पार्टी है,जिसके द्वारा दलित उत्थान का सबसे बड़ा हथियार प्रमोशन में आरक्षण का विरोध इसी के द्वारा किया गया था,और दलित समाज की नेता सुश्री मायावती जी के साथ गेस्टहाऊस कांड में इनके द्वारा किया किया गया था,दलित भाई यही नहीं भूले है, कि समाजवादी पार्टी की जब – जब सरकार बनी है,तब- तब समाजवादी पार्टी के अराजक तत्वों द्वारा उनका किस प्रकार उत्पीड़न किया गया है,में दलित भाइयों को याद दिलाना चाहता हूँ, कि एकबार समाजवादी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव द्वारा जिला पंचायत अध्यक्षों को नामित किया था,में आज अपने को दलित एवं मुस्लिम समाज का सर्वाधिक हितेषी साबित करने वाले समाजवादी पार्टी के इन कालनेमी नेताओं से पूछना चाहते हैं,कि वह बताने का कष्ट करेंगे कि,उन जिला पंचायत अध्यक्षों में कितने दलित एवं मुस्लिम समाज के थे ! श्री दीक्षित ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी भी दलित एवं मुस्लिम समाज की हितेषी नहीं रही हैं, और न हो सकती है,ये केवल दिखावा करती हैं,में दलित एवं मुस्लिम समाज से अनुरोध करता हूं,कि बह इनके बहकावे में न आए,और आपसी समन्वय कायम रखकर सामाजिक समरसता का वातावरण स्थापित रखे,क्यों कि सामाजिक समरसता एवं सबका साथ,सबका विकास सबका विश्वाश,सावकप्रयास ही सफलता की कुंजी है,जिसके सिद्धांत पर चलकर भाजपा भारत को एक प्रगतिशील आदर्श राष्ट्र के निर्माण के लिए निरन्तर प्रयासरत हे !