
अलीगढ़ मंडल में घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री: भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने उठाई आवाज, स्थानीय अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप।
नई दिल्ली/एटा, उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ मंडल के एटा शहर में बच्चों के खाने के घटिया और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की धड़ल्ले से हो रही बिक्री का मामला सामने आया है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) ने इस गंभीर मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत पर सवाल खड़े किए हैं। भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले का विवरण:
शिकायत के अनुसार, एटा शहर के सुनहरी नगर में कुछ दुकानें और बांस मंडी हाथी गेट व शिकोहाबाद रोड पर स्थित थोक विक्रेता घटिया किस्म की कचरी, चखले चिप्स, चखले कुरकुरे, भावना पेड़ा, और बर्फी बेच रहे हैं। इन उत्पादों पर न तो मैन्युफैक्चरिंग डेट होती है और न ही एक्सपायरी डेट, जिससे इनकी गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं। इतना ही नहीं, इन दुकानों पर एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ भी खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जिनकी तुरंत जांच की आवश्यकता बताई गई है।
यह मामला इसलिए भी अत्यंत संवेदनशील है क्योंकि ये सभी खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से बच्चों द्वारा खाए जाते हैं, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने मांग की है कि इन सभी खाद्य पदार्थों को लैब में भेजकर उचित जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की कड़ी प्रतिक्रिया:
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि इस मामले को पहले भी जोरदार तरीके से उठाया गया था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा है।
केंद्रीय सलाहकार परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण माधव मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल और उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, भारतीय मीडिया फाउंडेशन की केंद्रीय अनुशासन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष राम आसरे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि फाउंडेशन ने इस तरह के भ्रष्ट आचरण को बंद कराने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
राम आसरे ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय और श्रीमान डीजीपी महोदय के दिशा-निर्देशों के बावजूद, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों को उजागर कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है और उनका मनमाना पन अभी भी जारी है।
नई दिल्ली कार्यालय से जारी इस बयान में भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने एक बार फिर उचित और सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है ताकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद हो सके और दोषी व्यक्तियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।