मनाया जाता है World Blood Donor Day? कैसे हुई इसकी शुरुआत…जानें क्या है इस साल की थीम

?World Blood Donor Day 14 जून, 2025 ?

क्यों मनाया जाता है World Blood Donor Day? कैसे हुई इसकी शुरुआत…जानें क्या है इस साल की थीम

World Blood Donor Day 2025: हर साल 14 जून को मनाया जाता है। रक्तदान को महादान कहा जाता है क्योंकि इससे किसी की जान बचाई जा सकती है। इसका उद्देश्य उन स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मान देना है जो बिना किसी लाभ के दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान करते हैं। इसके अलाव रक्तदान जैसे महान काम को करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए भी वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है।

आइए 5 स्टेप्स में जान लेते हैं कि हर साल क्यों मनाया जाता वर्ल्ड ब्लड डोनर डे और क्या है इस साल की खास थीम।

  1. रक्तदान के महत्व को बढ़ावा देने के लिए

लाखों मरीजों को हर साल सुरक्षित रक्त की जरूरत होती है। कोई दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं तो कोई ऑपरेशन के मरीज होते हैं जिन्हें रक्त की जरूरत होती है। गर्भवती महिलाएं, कैंसर या थैलेसीमिया के रोगियों को सबसे ज्यादा खून की जरूरत होती है। ऐसे में उन जरूरतमंदों के लिए हर साल वर्ल्ड बल्ड डोनर डे मनाया जाता है।

  1. स्वैच्छिक रक्तदाताओं को धन्यवाद कहने के लिए

ऐसे बहुत से लोग हैं जो बिना किसी लालच के रक्तदान करते हैं। ऐसे में यह दिन उन रक्तदाताओं की सराहना करता है जो बिना किसी इनाम या स्वार्थ के रक्तदान करते हैं।

  1. जागरूकता फैलाने के लिए

आम जनता को नियमित, सुरक्षित और बिना पैसे के रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसलिए भी ये खास दिन मनाया जाता है।

  1. रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए

इसका लक्ष्य है कि हर देश में पर्याप्त और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बनी रहे। ये तभी संभव है जब नियमित रूप से रक्तदान किया जाए।

  1. कार्ल लैंडस्टीनर को श्रद्धांजलि

इस दिन को महान वैज्ञानिक Karl Landsteiner के जन्मदिन पर मनाया जाता है, जिन्होंने ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज की थी।

कब हुई वर्ल्ड ब्लड डोनर डे की शुरुआत?

वर्ल्ड ब्लड डोनर डे की शुरुआत साल 2004 में हुई थी। यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), रेड क्रॉस (Red Cross), इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लड Donor Organizations (IFBDO) और अन्य स्वास्थ्य संगठनों के सहयोग से शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य था दुनियाभर में स्वैच्छिक और नि:शुल्क रक्तदान को बढ़ावा देना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

अब ये जान लेते हैं कि इस खास दिन की शुरुआत कैसे हुई? बता दें कि रिचर्ड लोवर नाक के एक साइंटिस्ट ने साल 1940 में 2 कुत्तों के बीच सबसे पहला सफल ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया था। इसी परीक्षण के आधार पर इंसानों में भी ब्लड ट्रांसफ्यूजन की तकनीक विकसित की गई।

क्या है इस साल की थीम?

विश्व रक्तदाता दिवस, 14 जून 2025 को मनाया जाने वाला है। हर साल इस दिन की थीम अलग होती है। इस साल की थीम की बात करें तो वो है ‘रक्त दें, आशा दें, साथ मिलकर हम जीवन बचाएंगे’ (“Give blood, give hope – Together we save lives” )। बता दें कि 18 से 65 साल तक की उम्र के लोग जो स्वस्थ हों, तो देश के किसी भी कैंप या रक्त बैंक में दान दे सकते हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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