उपजिलाधिकारी के बयान को ‘मीडिया को धमकी देना न्यायसंगत नहीं’ बताया।

प्रयागराज में ‘अवैध प्लाटिंग’ की खबर पर विवाद: उपजिलाधिकारी ने बताया निराधार, भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने दी धमकी को ‘गैर-न्यायसंगत’
राम आसरे की खास रिपोर्ट।

प्रयागराज, 12 जून 2025 – डिजिटल मीडिया चैनल इंडिया न्यूज़ द्वारा बीते बुधवार, 11 जून 2025 को प्रसारित ‘अतीक अहमद के गुर्गों द्वारा अवैध प्लाटिंग’ की खबर पर प्रयागराज में विवाद छिड़ गया है। जहां उपजिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार सिंह ने इस खबर को ‘भ्रामक और निराधार’ बताया है, वहीं भारतीय मीडिया फाउंडेशन (बीएमएफ) ने उपजिलाधिकारी के बयान को ‘मीडिया को धमकी’ करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उपजिलाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने अपने बयान में कहा कि इंडिया न्यूज़ द्वारा ग्राम बजहा, तहसील सदर, प्रयागराज की आराजी संख्या 198 और 202 पर अवैध प्लाटिंग की खबर प्रसारित की गई थी। यह भूमि थाना एयरपोर्ट और साइबर थाने को आवंटित है। उन्होंने बताया कि खबर का संज्ञान लेते हुए, तहसील सदर प्रयागराज की राजस्व टीम ने पुलिस विभाग की उपस्थिति में उक्त आराजी संख्याओं का निरीक्षण किया और नक्शे के अनुसार पुनः पैमाइश की।
निरीक्षण के बाद, उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि थाना एयरपोर्ट और एटीएस को आवंटित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण होता हुआ नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की उपस्थिति में उक्त भूमि का चिह्नांकन कर दिया गया है और पुलिस विभाग को इसे चहारदीवारी बनाकर सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की गलत और भ्रामक खबरों का प्रसारण होने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की कड़ी प्रतिक्रिया
उपजिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार सिंह के इस बयान पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन के केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी के केंद्रीय अध्यक्ष एके बिंदुसार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बिंदुसार ने उपजिलाधिकारी के बयान को ‘मीडिया को धमकी देना न्यायसंगत नहीं’ बताया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया का कार्य क्रिया-प्रतिक्रिया करना है। यदि मीडिया किसी संदेह के आधार पर कोई विशेष खबर प्रकाशित करती है, तो मीडियाकर्मियों को धमकी देना मीडिया की अभिव्यक्ति के खिलाफ है। बिंदुसार ने उपजिलाधिकारी द्वारा मुकदमे की धमकी को भी गैर-न्यायसंगत करार दिया।
बिंदुसार ने आगे कहा कि मीडिया जिस पर संदेह करती है, वहां पर अधिकारियों को जांच कर उचित कार्यवाही करनी चाहिए ताकि जनता के संदेह समाप्त हो सकें। उन्होंने इसे प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य बताया।
यह घटनाक्रम मीडिया की स्वतंत्रता और प्रशासन के बीच तनाव को दर्शाता है, खासकर जब मीडिया द्वारा प्रसारित खबरों पर सवाल उठाए जाते हैं।
श्री बिंदुसार ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है की तहसीलों में भ्रष्टाचार का साम्राज्य कायम है जिसको लेकर मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा भी कई बार कड़ी कार्रवाई की गई है ऐसे में राजस्व संबंधित मामले में अधिकारियों के क्रियाकलापों की भी जांच आवश्यक हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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