
अहमदाबाद, 12 जून 2025 – भारत के इतिहास में एक और काली दोपहर दर्ज हो गई जब एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-171, जो बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दोपहर 1 बजकर 38 मिनट पर यह विमान आग के गोले में तब्दील हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री, 10 केबिन क्रू और 2 पायलट शामिल थे।
पूर्व मुख्यमंत्री रूपानी थे सवार
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी भी सवार थे, जो निजी दौरे पर लंदन जा रहे थे। हादसे के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो सका है। गृहमंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत अहमदाबाद के लिए प्रस्थान किया है।
प्रधानमंत्री मोदी का शोक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“अहमदाबाद में हुई त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह शब्दों से परे दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ इससे प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूँ जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।”
हादसे का प्रारंभिक विवरण
प्रारंभिक तकनीकी जांच के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही विमान के इंजन से आग की चिंगारी देखी गई। देखते ही देखते विमान से धुआं उठने लगा और वह Sardar Vallabhbhai Patel International Airport से कुछ ही किलोमीटर दूर एक खुले इलाके में आग का गोला बनकर गिर पड़ा।
एअर इंडिया का काला इतिहास
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की विमान दुर्घटनाओं का इतिहास दुखद रहा है। पिछले 75 वर्षों में कई भयावह हादसे हुए हैं। कुछ बड़े उदाहरण:
1950 – मालाबार प्रिंसेस (मोंट ब्लांक, फ्रांस) – 48 मौतें
1966 – कंचनजंगा हादसा – 117 मौतें, परमाणु वैज्ञानिक होमी भाभा की मृत्यु
1978 – सम्राट अशोक हादसा – 213 मौतें, मुंबई के पास अरब सागर में
1985 – कनिष्क बम कांड – 329 मौतें, आतंकवादी हमला
2010 – मंगलोर क्रैश – 158 मौतें
2020 – कोझिकोड हादसा – 21 मौतें
2025 – अहमदाबाद हादसा – जाँच जारी, मृतकों की पुष्टि प्रतीक्षित
राहत कार्य जारी
फायर ब्रिगेड, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक मलबे से कई शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं।एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का यह हादसा न केवल तकनीकी सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है बल्कि भारतीय विमानन प्रणाली के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। यह समय है जब उड़ानों की सुरक्षा जांच, पायलट प्रशिक्षण और आपात प्रबंधन तंत्र को नए सिरे से परखा जाए।
अपडेट्स और पुष्ट आंकड़ों के लिए जुड़े रहें।