
यूपी में इंसाफ मांगना गुनाह है क्योंकि इंसाफ के देवता मजबूर है, लाचार है और चोरों के सरदार है
यूपी में गरीब ब्राह्मण होना गुनाह है ! यूपी में क्या इंसाफ मांगना गुनाह है अगर है तो कहिए साहब कहां जाए किससे इंसाफ मांगे अगर हां तो खुलकर कह दीजिए सब भगवान राम ही देंगे और थाने में सिर्फ लाठियां मिलेगी ! यह कहानी है रामबाबू तिवारी जो हकीकत है जो झकझोर कर रख देगी ! एक बच्चे को बेवजह पुलिसिया करतूत और जनहित ठेकेदार नेता ने न्याय को जूता तले कुचलते हुए रसूख को अमलीजामा पहनाया! एक बाप दुहाई देता रहा लेकिन बदले में मिली लाठियां दुर्व्यवहार यही नहीं जिले के सम्मानित लोगों से आशा की उम्मीद लिए अपने बेटे को साजिश के तहत फंसाए जाने को लेकर चौखट पर दौड़ता रहा लेकिन कोई रहनुमा जिले में नहीं मिला जो इन्साफ की आवाज बन सके!
थाने से मिल रही प्रताड़ना के बाद न्याय न मिलने की आश ने ले ली निरपराध की जान
कितने लोगों को मिली सजा क्या दोषी सिर्फ सफेद पोश नेता है कलंकित करने वाले वर्दी में अपराधी तो सबसे बड़े गुनहगार हैं !
थाने गए पर रामबाबू जब भी जाते रसूख की तलवे चाटने वाले वर्दी में दरिंदा मिलने से इनकार करता आज नहीं कल आना मीटिंग में दरोगा साहब व्यस्त है फिर वही क्लासिक डायलॉग हम कुछ नहीं कर सकते मामला कोर्ट में है और आखिर में रामबाबू ने ऐसा कदम उठाए जिससे सिस्टम का नाका उतर गया अपना दर्द अपना विरोध अपने शरीर को बना लिया था उस लाचार बाप के होनहार बेटे को कैसे पोक्सो एक्ट में पुलिस ने फंसाया यह बात बर्दाश्त नहीं कर सका! आप पूछेंगे उनकी मौत के लिए कोई FIR हुई है अब बात करते हैं इस कहानी की फिल्म पुलिस के लिए आरोपी वह भूतनाथ था जो कभी-कभी दिखता है ! पुलिस ने आरोपी धन्नू उर्फ सिद्धार्थ तिवारी को जेल भेज दिया था अब जांचकर्ता ने दुष्कर्म की धारा और पॉक्सो एक्ट को हटा दिया है ! न्यायालय ने उसे जमानत दे दी है! इस घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है! साथ ही साजिश रचने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है !
27 मई को दर्ज कराई गई थी शिकायत
सैनी कोतवाली इलाके में 27 मई को एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी! पुलिस ने धन्नू उर्फ सिद्धार्थ तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया था ! धन्नू के पिता रामबाबू तिवारी अपने बेटे को बेगुनाह साबित करने के लिए अफसरों के पास गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कहीं से भी मदद नहीं मिली। सुनवाई न होने पर 4 जून को रामबाबू ने सैनी कोतवाली के सामने जहर खाकर आत्महत्या कर ली ! मरने से पहले रामबाबू ने अपने शरीर पर लिखकर ग्राम प्रधान भूप नारायण पाल पर चुनावी रंजिश के चलते बेटे को फंसाने का आरोप लगाया था !
एसआईटी जांच में हुआ खुलासा
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT टीम का गठन किया गया! एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची रामायण सुनने के लिए आरोपी के घर की तरफ गई थी वहां एक टिन शेड लगा था, जिसमें बच्चे ईंट पत्थर फेंक रहे थे! आरोपी धन्नू ने बच्ची को एक थप्पड़ मार दिया था! बच्ची रोते हुए अपने घर गई और उसने सारी बात बताई इसके बाद परिवारवालों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की झूठी कहानी बनाई !
ग्राम प्रधान फरार
एसपी ने लापरवाही बरतने पर सैनी कोतवाली के इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है इसके अलावा साजिश रचने वाले ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है ! पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया है, जबकि फरार ग्राम प्रधान पर एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है !
अब आप सोचिए क्या बिना पुलिस वालों की मदद से ग्राम प्रधान अपने मंसूबे में कामयाब हो सकता था क्या रामबाबू तिवारी की हत्या में वर्दी में तैनात जिम्मेदार हुक्मरान नहीं जिन्होंने उसकी आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया ! ज्यादातर मामलों में पुलिस की संलिप्तता और मिली भगत से ही घटनाएं बढ़ जाती हैं बाद में फिर सस्पेंड,लाइन हाजिर के ढकोसला से खाना पूर्ति कर दिया जाता है ! #varanasi #viral #Update