एटा

देश की सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक पत्रिका कादंबनी के 30 साल से अधिक संपादक रहे,26 पुस्तकों के लेखक, 26 से अधिक देशों में हिंदी का प्रतिनिधित्व करने वाले, 350 पुस्तकों की भूमिकाएं लिखने वाले, 40 साल से देश विदेश के कवि सम्मेलनों में कविता पाठ व संचालन करने वाले,हाल ही में हिंदी अकादमी पुरुष्कार से सम्मानित, अखिल भारतीय सर्व भाषा संस्कृति समन्वय समिति के अध्यक्ष, विज्ञानं एवं कविता के घालमेल का सर्व प्रथम प्रयोग करने वाले,देश के शीर्ष साहित्यकार व पत्रकार पंडित सुरेश नीरव जी को 40 साल से समाजसेवा के विभिन्न क्रियाकलापों में सक्रिय अग्रणी सामाजिक संस्था राष्ट्रीय जागरूक जन समिति द्वारा 2025 का बाबू विजितेन्द्र कुमार गुप्त भारती गौरव पुरुष्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया और वरिष्ठ शिक्षाविद, समाजसेवी बाबू विजितेन्द्र कुमार गुप्त एडवोकेट की स्मृति में जन जागृति पत्रिका के विशेषांक का लोकार्पण किया गया…
प्रस्तुत है पंडित सुरेश नीरव की विज्ञान और साहित्य के घाल मेल के अभिनव प्रयोग का एक गीत…
“पोटेशियम दिन हुये रात सोडियम
देखो फिर भी गीत लिखते हैं हम
घायल हैं सुवह की
नर्म नर्म एड़ियां
दस्ती है धरती को युद्धों की बेड़िया
बारूद साँसों में आज गया घुल
देखों फिर भी गीत लिखते हैं हम “