लेखपालों पर धांधली का आरोप, डीएम से हस्तक्षेप की मांग।

फतेहपुर, उत्तर प्रदेश:

भारतीय मीडिया फाउंडेशन (बीएमएफ) ने उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। फाउंडेशन के संस्थापक और इंटरनेशनल मीडिया आर्मी के मुख्य संयोजक, एके बिंदुसार ने आरोप लगाया है कि जमीनी विवादों से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण तक, सबसे ज्यादा धांधली और भ्रष्टाचार क्षेत्रीय लेखपालों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने हैरानी व्यक्त की कि इस सब की जानकारी होने के बावजूद, आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं:
एके बिंदुसार ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को “अपात्र” घोषित किया जा रहा है क्योंकि वे गरीब होने के कारण 10 से 20 हजार रुपये की रिश्वत देने में असमर्थ हैं। वहीं, जो लोग इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं, उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें आवास आवंटित किए जा रहे हैं। यह सब क्षेत्रीय लेखपालों की मिलीभगत से हो रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग अपने हक से वंचित हो रहे हैं।
डीएम से तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग:
भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने फतेहपुर के माननीय जिलाधिकारी महोदय से विनम्र अनुरोध किया है कि वे उन सभी फाइलों की एक बार फिर से जांच करवाएं, जिन्हें लेखपालों द्वारा अनुचित तरीके से रद्द किया गया है। बिंदुसार का दावा है कि इस जांच से सारा भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस भी लेखपाल ने ऐसी धांधली की है, उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सके।
स्थानीय नेतृत्व भी मुखर:
इस मुद्दे पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल, उत्तर प्रदेश), नईम अहमद ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। वह जनपद फतेहपुर में इस भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं और स्थानीय लोगों के हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार का गहरा प्रभाव:
यह भ्रष्टाचार न केवल सरकारी योजनाओं के उद्देश्य को विफल कर रहा है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचा रहा है। जब गरीबों को उनके हक से वंचित किया जाता है और रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलता है, तो यह समाज में असमानता और निराशा को जन्म देता है।
आगे की राह:
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का यह कदम फतेहपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की कितनी निष्पक्ष जांच की जाती है। स्थानीय लोगों और मीडिया की लगातार निगरानी यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी कि इस मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई हो और दोषियों को दंडित किया जाए। यह समय है जब सरकार और प्रशासन को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही साबित करनी चाहिए और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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