महिलाओं और बच्चियों को आगे करके झूठे मुकद्दमे न लिखाएं‌

ऑपरेशन जागृति फेज-4.0 अभियान के तहत नारी सशक्तिकरण, साइबर सुरक्षा, महिला उत्पीडन की रोकथाम एवं महिलाओं को किया जागरूक


एटा ! अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में महिलाओं एवं बालिकाओं के जागरूकता व स्वावलंबन एवं उनके प्रति होने वाले अपराधों में कमी लाने हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन जागृति 4.0” अभियान के तहत आज गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह द्वारा थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत गोविंद हायर सेकेंड्री स्कूल व थाना कोतवाली देहात क्षेत्रांतर्गत सोनम देवी इंटर कॉलेज में छात्रा छात्राओं के साथ गोष्ठी में बताया गया कि “एक झूठा मुकद्दमा किसी व्यक्ति अथवा उसके परिवार को कर सकता है बर्बाद, इसलिए महिलाओं और बच्चियों को आगे करके झूठे मुकद्दमे न लिखाएं।” तथा जनपदीय पुलिस द्वारा अपने अपने थानाक्षेत्र में गोष्ठी आयोजित कर, छात्र एवं छात्राओं से संवाद स्थापित कर उनको जागरूक किया गया, साथ ही गोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले छात्र/छात्राओं से फीडबैक भी लिया गया।अक्सर पारिवारिक विवाद / पारस्परिक भूमि विवाद का यथोचित समाधान नहीं दिखने पर अपराधिक घटनाओं में महिला सम्बन्धी अपराधों को जोड़ने की प्रवृत्ति भी सामाजिक रूप से देखने को मिल रही है। संक्षेप में कई अन्य प्रकरणों में ऐसी घटनायें दर्ज करा दी जाती हैं, जिनको बाद महिला एवं बालिकाओं संबन्धी अपराधों की श्रेणी में परिवर्तित कर दिया जाता है। जबकि मूलतः यह पारिवारिक और भूमि विवाद संबन्धी होती है।
दूसरी ओर वास्तविक रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं के विरूद्ध जो अपराध होते हैं, उनमें दुष्कर्म, शीलभंग जैसे संगीन मामलों में प्रताड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं की मनोस्थिति काफी हद तक प्रभावित होती है और पीड़िता के जीवन में उस घटना का ट्रॉमा और भय सदैव के लिए बस जाता है। उक्त मानसिक आघात से उभरने के लिए पीड़िता को मनोवैज्ञानिक परामर्श की भी आवश्यकता होती है।
एक अन्य प्रकार का ट्रेंड जो सामने आ रहा है, उसमें नाबालिग बालिकाएं लव अफेयर, इलोपमेंट, लिव इन रिलेशनशिप जैसे सेनेरियो में फँस जाती हैं और किन्ही कारणों से उनको समझौता करना पड़ता है। कई बार बालिकायें अपनी सहमति से भी बिना सोचे समझे चली जाती है। साथ ही साथ बदनामी के भय से ऐसा संत्रास झेलना पड़ता है, जिसके कारण वह ऐसी स्थिति से निकलने में अपने आपको अक्षम महसूस करती है। परिवार में आपसी संवादहीनता और अभिभावकों से डर के कारण बालिकाए अपनी बात कह नहीं पाती है। इसके अतिरिक्त आज तकनीक के दुरूपयोग के चलते महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति साइबर बुलिंग के मामले भी सामने आ रहे है। इन सभी परिस्थितियों में सामाजिक जागरूकता, संवाद शिक्षा और परामर्श की बेहद आवश्यकता है ताकि महिलायें एवं बालिकायें इस प्रकार के षड़यंत्रों का शिकार न बने भावनाओं में बहकर अपना जीवन बर्बाद न करें, यदि उनके साथ किसी प्रकार का अपराध घटित होता है तो वह सच बोलने की हिम्मत रख पाये और विधिक कार्यवाही के साथ-साथ उनको परामर्श/सहयोग और पुनर्वास का मौका मिल सके।जागरूक किया गया। उक्त अवसर पर सोनम देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक राकेश भारद्वाज सहित स्टाफ के लोग मौजूद रहे !

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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